
ओडिशा में कौन लेगा सीएम पद की शपथ? बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सामल बोले- दो दिन और इंतजार करें
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ओडिशा बीजेपी अध्यक्ष मनमोहन सामल ने दावा किया कि पार्टी ने अभी तक ओडिशा के अगले मुख्यमंत्री का चयन नहीं किया है. उन्होंने कहा कि दो दिन और इंतजार करें और आपको नए मुख्यमंत्री पर पार्टी के निर्णय के बारे में सूचित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र में बीजेपी के अत्यधिक अनुभवी नेता हैं और वे राज्य के हित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेंगे.
बीजेपी ने ओडिशा में हुए विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए 78 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेडी सिर्फ 51 सीटें ही जीत सकी थी. 147 विधानसभा सीटों वाले ओडिशा में बीजेपी को बहुमत मिला है. अब इन चर्चाओं का बाजार गर्म है कि मुख्यमंत्री पद की शपथ कौन लेगा? इसे लेकर बीजेपी के एक नेता ने कहा कि 9 जून को नरेंद्र मोदी के तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री का चयन किए जाने की संभावना है. दिल्ली से ओडिशा लौटने के बाद ओडिशा बीजेपी अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा कि दो दिन और इंतजार करें.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मनमोहन सामल ने कहा कि भाजपा के विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम का फैसला होगा. उन्होंने कहा कि उन्हें राज्य के अगले मुख्यमंत्री के बारे में कोई जानकारी नहीं है, उन्होंने कहा कि मैं एनडीए के संसदीय दल के नेता और लोकसभा के नेता के चयन के लिए एक बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली गया था. राज्य के सभी नवनिर्वाचित सांसद वहां मौजूद थे.
बीजेपी ने ओडिशा में किया बड़ा उलटफेर
ओडिशा में भाजपा ने 21 लोकसभा सीटों में से 20 पर जीत हासिल की है. इस पर सामल ने कहा कि वह ओडिशा भाजपा के अध्यक्ष के रूप में शपथ ग्रहण समारोह की व्यवस्था करने में सभी के साथ समन्वय कर रहे हैं. भाजपा नेता ने दावा किया कि उनके संसदीय दल ने अभी तक ओडिशा के अगले मुख्यमंत्री का चयन नहीं किया है. उन्होंने कहा कि दो दिन और इंतजार करें और आपको नए मुख्यमंत्री पर पार्टी के निर्णय के बारे में सूचित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र में बीजेपी के अत्यधिक अनुभवी नेता हैं और वे राज्य के हित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेंगे.
मैं सीएम पद की रेस में नहींः सामल
यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं, इस पर सामल ने कहा कि मैं सीएम पद की रेस में नहीं हूं... मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, मैं बस उसे पूरा कर रहा हूं. बता दें कि विधानसभा चुनाव में सामल चांदबली सीट से हार गए थे. बता दें कि संबलपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मनमोहन सामल, पटनागढ़ से नवनिर्वाचित विधायक केवी सिंह देव, क्योंझर सीट से चुने गए आदिवासी नेता मोहन माझी जैसे कई नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में हैं. धर्मेंद्र प्रधान को राज्य में भाजपा का चेहरा माना जाता है और वह ओबीसी श्रेणी से आते हैं, जबकि सिंह देव 5 बार विधायक रह चुके हैं और 2000 से 2009 के बीच 9 साल तक नवीन पटनायक मंत्रिपरिषद में मंत्री रहे. इस दौरान बीजद-भाजपा गठबंधन सरकार रही.

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