
ऑपरेशन सिंदूर में हुई पाकिस्तान की पिटाई के बाद तो उसकी लॉटरी लग गई
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आम तौर पर युद्ध में हार होने के बाद किसी देश की सत्ता पर बैठे नेताओं के खिलाफ जनाक्रोश फैल जाता है. और पाकिस्तान में तो सत्ता प्रमुख और सेना प्रमुख दोनों का 'तख्तापलट' हो जाता है. पर इस बार पाकिस्तान में ऐसा नहीं होने जा रहा है.
ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देकर भारत ने पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को तहस नहस कर दिया. इतना ही नहीं पाकिस्तान के कई एयरबेसों को भी बहुत नुकसान पहुंचा है. पाकिस्तान की इस तरह कमर टूटी है कि उसे सालों लग जाएंगे स्थितियां सामान्य करने में. पर तस्वीर का दूसरा पहलू भी है. दरअसल पाकिस्तान को भारतीय सेनाओं से मिली मात के बाद कई तरफ से फायदे हो रहे हैं. पाक पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तो जैसे लॉटरी ही लग गई है. आम तौर पर किसी भी देश की किसी युद्ध में हार होने के बाद सत्ता में बैठे नेताओं के खिलाफ जनाक्रोश फैल जाता है. पाकिस्तान में तो सेना प्रमुख के खिलाफ तख्तापलट तक हो जाता है. पर पाकिस्तान में ऐसा नहीं होने जा रहा है. क्योंकि पाक नेताओं ने देशवासियों के बीच इस हार को भी इस तरह गिनाया है जैसे उनकी लॉटरी लग गई है. वैसे देखा जाए तो बहुत हद तक ये सही भी है.
1-अमेरिका ने पाकिस्तान-भारत को और मोदी -शहबाज को बराबर मान लिया
पिछले दशक से पाकिस्तान दुनिया में अलग थलग पड़ता जा रहा था. एक समय ऐसा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आता था तो उसका पाकिस्तान जाना भी जरूरी होता था. पर दुनिया की राजनीति में पाकिस्तान ऐसा अलग थलग हुआ कि अब अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आते थे तो पाकिस्तान में झांकने भी नहीं जाते हैं. भारत का मुकाबला अब चीन के साथ होने लगा था. पर ट्रंप ने जिस तरह सीजफायर कराने का श्रेय लेने के बाद बयानबाजी की है उससे पाकिस्तानी बहुत खुश होंगे. ट्रम्प ने इस दौरान दोनों देशों के नेताओं, नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ की प्रशंसा की, उन्हें शक्तिशाली, मजबूत, और स्मार्ट नेता बताया.
ट्रंप ने एक बार फिर 13 मई 2025 को सऊदी अरब में एक निवेश मंच पर कहा कि मोदी और शरीफ बहुत शक्तिशाली नेता हैं, बहुत मजबूत नेता, अच्छे नेता, स्मार्ट नेता.
ये दुनिया जानती है कि मोदी और शहबाज शरीफ की तुलना नहीं हो सकती है. भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारत जैसे विशाल देश में जनता से चुनकर आ रहे हैं. शहबाज को तो पाकिस्तानी जनता ने ही नकार दिया. इमरान खान को जेल में डालकर किसी तरह सहयोगी दलों और पाक आर्मी की कृपा पर शहबाज पीएम बने हुए हैं. यही हाल पाकिस्तान का है. आर्थिक रूप से जर्जर हो चुके देश में जिसे दुनिया भर में आतंकवादियों के पनाहगार के रूप में जाना जाता है की तुलना भारत जैसे चौथी आर्थिक शक्ति से कैसे हो सकती है? दोनों देशों को एक तराजू पर तौलकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद ही अपनी भद पिटाई है.
2- कश्मीर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया

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