
'ऑपरेशन सिंदूर' के वक्त कहां तैनात था INS विक्रांत, जिससे कांप गया पाकिस्तान... PM मोदी ने सुनाया वो किस्सा
AajTak
पीएम मोदी ने INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों संग दिवाली मनाई, इसे जीवन का सौभाग्य बताया. ऑपरेशन सिंदूर में इस स्ट्राइक ग्रुप ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी. अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद अरब सागर में तैनात छह युद्धपोतों ने दुश्मन को चेतावनी दी. ब्रह्मोस-बराक मिसाइलों से लैस ये जहाज कराची-ग्वादर तबाह कर सकते थे.
PM Narendra Modi ने आईएनएस विक्रांत पर नौसेना जवानों के साथ दिवाली मनाई. इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताया. उन्होंने बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आईएनएस विक्रांत के स्ट्राइक ग्रुप ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी थी. अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले के बाद भारत की नौसेना ने अपनी ताकत दिखाई थी.
भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत को अरब सागर में करवर तट के पास तैनात किया गया था. यह स्ट्राइक ग्रुप पाकिस्तानी नौसेना को कड़ी चेतावनी दे रहा था. इसमें मुख्यतः एक विमानवाहक, चार विध्वंसक और एक फ्रिगेट शामिल थे—कुल छह से ज्यादा युद्धपोत. ये जहाज हवा, सतह और पनडुब्बी से बचाव करते हुए कराची-ग्वादर बंदरगाहों तक हमला कर सकते थे. आइए जानते हैं इनकी ताकत के बारे में.
यह भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर में जो ड्रोन भारत ने PAK में बरसाए थे, अब उनका चीन बॉर्डर पर हो रहा ट्रायल
INS विक्रांत भारत का गर्व है. यह 45,000 टन वजन का विशालकाय जहाज है. लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 59 मीटर. 40 लड़ाकू विमान ले जा सकता है. जनरल इलेक्ट्रिक की ताकतवर टर्बाइन से 1.10 लाख हॉर्सपावर मिलती है. इसमें MiG-29K विमान और 10 Ka-31 हेलिकॉप्टर के दो स्क्वाड्रन हैं. स्ट्राइक रेंज 1,500 किमी. 64 बराक मिसाइलें हवा में मार गिरा सकती हैं. ब्रह्मोस मिसाइलें भी लगी हैं, जिनसे दुश्मन कांपता है. यह ग्रुप का मुख्य जहाज है, जो पूरे समूह को नेतृत्व देता है.
यह भी पढ़ें: अब लखनऊ में बनी ब्रह्मोस मिसाइल मिलेगी भारतीय सेना को...पहली खेप तैयार

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.











