'एलजी साहब ने केंद्र सरकार की पोल खोल दी', दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने साधा निशाना
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सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मीडिया के जरिए पता चला है कि दिल्ली के एलजी ने कुछ लोगों को नौकरियां दी है. एलजी ने नियुक्ति प्रमाण पत्र देते हुए बताया कि पिछले कुछ महीनों में ही यह नौकरियां दी जा सकी हैं. इससे पहले, कई सालों से ये नियुक्तियां खाली पड़ी थीं. यह बड़ी अजीब बात है कि एलजी साहब ने अपनी ही केंद्र सरकार पर एक तरह से बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
आम आदमी पार्टी सरकार और दिल्ली के राज्यपाल के बीच की तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है. इसको लेकर कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बयान जारी कर आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली वालों के सामने केंद्र सरकार की पोल खोलकर रख दी है. जिसमें उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने एक साजिश के तहत वर्षों तक दिल्ली के सरकारी विभागों में पदों को खाली रखा. उन्होंने उठाते हुए कहा कि कई सालों तक केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के विभागों में हजारों पदों को खाली रखकर दिल्लीवालों को क्यों परेशान किया?
उन्होंने आगे कहा कि एलजी साहब ने यह साबित कर दिया कि भाजपा झूठा आरोप लगाती थी कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में प्रिंसिपलों और शिक्षकों की भर्ती सीएम अरविंद केजरीवाल को करनी थी, जबकि सच्चाई यह है कि दिल्ली का सर्विस विभाग केंद्र सरकार के अधीन है. चूंकि एलजी साहब केंद्र सरकार के नुमाइंदे हैं, इसलिए ये काम एलजी साहब को करना था और वे नहीं कर रहे थे.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मीडिया के जरिए पता चला है कि दिल्ली के एलजी ने कुछ लोगों को नौकरियां दी है. एलजी ने नियुक्ति प्रमाण पत्र देते हुए बताया कि पिछले कुछ महीनों में ही यह नौकरियां दी जा सकी हैं. इससे पहले, कई सालों से ये नियुक्तियां खाली पड़ी थीं. यह बड़ी अजीब बात है कि एलजी साहब ने अपनी ही केंद्र सरकार पर एक तरह से बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. दिल्ली का हर एक व्यक्ति जानता है कि दिल्ली के अंदर किसी भी सरकारी विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती करना, किसी को भी सरकारी नौकरी देना, किसी भी सरकारी आदमी का तबादला करना, किसी सरकारी व्यक्ति की पोस्टिंग और उस पर कार्रवाई करना सिर्फ केंद्र सरकार के हाथ में है. चूंकि एलजी विनय कुमार सक्सेना केंद्र सरकार के नुमाइंदे हैं. इसलिए यह सारा काम एलजी साहब का है.
'35 हजार पद खाली थे'
AAP प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब एलजी साहब ने ये कहा कि उनके आने के बाद दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 35 हजार पद खाली थे और पिछले कई सालों में ये रिक्त पद नहीं भरे गए तो उनका यह सवाल सीधे केंद्र सरकार से है. क्योंकि रिक्त पदों को भरने का काम तो केंद्र सरकार का था. अर्थात केंद्र सरकार के नुमाइंदे एलजी साहब को ही दिल्ली में इन रिक्त पदों को भरना था. हम एलजी और केंद्र सरकार से यह सवाल करना चाहते हैं कि इतने वर्षों तक क्यों केंद्र सरकार ने इन खाली पदों को नहीं भरा. क्या इन पदों को न भरने की वजह से दिल्ली के लोगों का नुकसान नहीं हुआ? अगर फायर विभाग के अंदर रिक्त पद थे, तो क्या वो पद पहले नहीं भरे जाने चाहिए थे? ताकि दिल्ली में अगर कोई आग की घटना होती है तो उसके लिए पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हों.
'केंद्र सरकार ने ये पद क्यों नहीं भरे?'

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