
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक का महाराष्ट्र एटीएस से ट्रांसफर, मनसुख केस को सुलझाया था, 80 गैंगस्टर्स को मार गिराने के लिए चर्चित
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एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर दया नायक का फिर से महाराष्ट्र एटीएस से पुलिस विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया है. 2021 में भी उन्हें ATS से हटा दिया गया था. इस ट्रांसफर को दया की पनिशमेंट पोस्टिंग के तौर पर देखा जा रहा है. इन्होंने 90 के दशक में अंडरवर्ड की की कमर तोड़ दी थी.
महाराष्ट्र के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर दया नायक (Encounter Specialist Daya Nayak) का सोमवार को आंतकवाद निरोधक दस्ते से मुंबई पुलिस में ट्रांसफर कर दिया गया. महाराष्ट्र पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (स्थापना) ने नायक के अलावा सात अन्य इंस्पेक्टरों के भी ट्रांसफर आदेश जारी किए गए हैं. उन्होंने बताया कि नायक के अलावा इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर वाघ और दौलत साल्वे को भी एटीएस से मुंबई पुलिस भेजा गया है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एटीएस में रहते हुए नायक ने 2021 में ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या की जांच की. मनसुख की हत्या का केस मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटकों से लदी कार मिलने से जुड़ा था. हालांकि बाद में इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई थी. एटीएस ने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ सबूत जुटाए थे, जिन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया था.
1995 बैच के इंस्पेक्टर नायक ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड की एक्टिविटी के चरम पर पहुंचने के दौरान ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के तौर पर पहचान हासिल की थी. उन्होंने अपने करियर में 80 से ज्यादा गैंगस्टरों को मार गिराने का दावा किया है.
2021 में भी ATS से हो गया था ट्रांसफर
दया नायक का मई 2021 में भी एटीएस से ट्रांसफर दिया गया था. उन्हें ATS से पुलिस विभाग में गोंडिया जिले भेज दिया गया था. तब हिरेन मर्डर केस की जांच में दया नायक की भूमिका थी. एटीएस ने आरोपी असिस्टेंट इंस्पेक्टर सचिन वाजे समेत कई लोगों को खिलाफ सबूत इकट्ठा किए थे. दया नायक पर इन सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था.

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