
एक माफिया, दो 'बेगम'! जेल में कहासुनी, अतीक-शाइस्ता के बीच कौन है 'वो'?
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परिवार की असहमति के बावजूद अतीक अहमद ने इस महिला से मिलना नहीं छोड़ा और फोन पर संपर्क बनाए रखा. उमेश पाल की हत्या से पहले जेल से अतीक का मैसेज पहुंचाने में महिला की अहम भूमिका मानी जा रही है. पुलिस अब उस महिला की कुंडली खंगाल रही है.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बीती फ़रवरी में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद से लेकर अब तक अतीक अहमद के नाम की चर्चा थम नहीं रही है. वो भी तब, जब अतीक अहमद मारा को मारा जा चुका है. धूमनगंज इलाके में दिनदहाड़े राजू पाल हत्याकांड में गवाह उमेश पाल को मौत के घाट उतार दिया गया. ताबड़तोड़ गोलियों और एक के बाद एक फटते बम के धुंए से अतीक अहमद के जीवन पर काले बादल गए. उमेश पाल मामले में अतीक की साजिश बताई गई तो दूसरी तरफ इस शूटआउट में अतीक के बेटे के होने की बात भी सामने आई. ऐसे में फ़रवरी के महीने से शुरू हुई इस कहानी में अब तक कई एनकाउंटर और 'अतीक-अशरफ' हत्याकांड भी शामिल हो गया.
लेकिन अतीक की पत्नी शाइस्ता और दिनदहाड़े बमों की बरसात करने वाला गुड्डू मुस्लिम अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आए हैं. इन दोनों को पकड़ना जहां एक तरफ पुलिस के लिए बड़ा सवाल बनता जा रहा है तो दूसरी तरफ इस पूरे केस में अतीक-शाइस्ता के बीच एक 'वो' की एंट्री भी हो गई है. पुलिस के लिए अब अतीक की पत्नी शाइस्ता के साथ साथ इस 'वो' को भी पकड़ना एक चुनौती जैसा ही है. बताया जा रहा है कि ये महिला अतीक से साबरमती जेल में मिलने के लिए आया करती थी. इतना ही नहीं एक जानकारी के मुताबिक इस महिला की अतीक से फोन पर भी बातचीत होती थी. जिसकी रिकॉर्डिंग भी पुलिस के हाथ लग चुकी है.
बताया जा रहा है कि यह वही महिला है जो अतीक के संदेशों को जेल से बाहर लेकर जाती थी और बाहर की हर हलचल को अतीक तक पहुंचाती थी. ऐसे में जब एसटीएफ ने साबरमती जेल में अतीक अहमद से मिलने आने वालों की लिस्ट की जांच की और वहां लगे सीसीटीवी खंगाले गए तो एक महिला का नाम सामने आ रहा है, जो अतीक के परिवार की नहीं है.
खबर तो यहां तक है कि इस महिला को लेकर अतीक और शाइस्ता के बीच कई बार कहासुनी भी हुई. क्योंकि यह महिला अतीक के परिवार की मर्जी के बिना ही आतीक से मिलने जाती थी और माफिया से संपर्क में थी. उमेश पाल मर्डर में भी इस महिला का खास रोल माना जा रहा है. हालांकि पुलिस महिला की शिनाख्त को गुप्त बनाए हुए है. ऐसी जानकारी सामने आने के बाद अब माना जा रहा है कि जैसे ही यह संदिग्ध महिला पुलिस के चंगुल में आएगी तो अतीक से जुड़े और भी कई राज सामने आ सकते हैं. इस सब के बीच माना जा रहा है कि अतीक अहमद ने अपने गुनाहों के दम पर जो हजारों करोड़ का काला साम्राज्य खड़ा किया है, उसकी मौत के बाद अब शाइस्ता की नजर इसी साम्राज्य पर है. फंड मैनेजमेंट के लिए शाइस्ता कई बड़े लीगल एडवाइजर और सीए के संपर्क में है. उमेश पाल हत्याकांड प्रयागराज में 24 फरवरी को उमेश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने उमेश की पत्नी की शिकायत पर अतीक, अशरफ, शाइस्ता, असद समेत 9 लोगों पर मामला दर्ज किया था. इस हत्याकांड में 7 शूटर शामिल थे. इनमें से अरबाज, विजय चौधरी, गुलाम और असद एनकाउंटर में ढेर हो गए. जबकि अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अभी बमबाज गुड्डू, शूटर साबिर और अरमान फरार हैं. पुलिस इनकी तलाश में जुटी है. इन पर 5-5 लाख का इनाम घोषित किया गया है. वहीं, शाइस्ता पर भी 50 हजार रुपये का इनाम है.
अतीक-अशरफ की हत्या माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात प्रयागराज में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई. पुलिस घेरे में इस दोहरे हत्याकांड को अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी ने अंजाम दिया. तीनों पत्रकार बनकर पुलिस के काफिले के नजदीक पहुंचे और जैसे ही अतीक और उसके भाई अशरफ ने मीडिया से बात करना शुरू की, तीनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस दौरान करीब 18 राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से 8 गोली अतीक अहमद को लगीं. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.

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