
एंटीगुआ की नागरिकता बन रही मेहुल चोकसी की ढाल, जानिए क्या है नागरिकता को लेकर नियम?
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कैरिबियाई देश डोमिनिका की पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद मेहुल चोकसी का केस वहां की अदालत में चल रहा है. बीते दिन कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, अब गुरुवार को तय हो सकता है कि मेहुल चोकसी भारत आएगा या नहीं. लेकिन, मेहुल चोकसी को भारत लाने में सबसे बड़ा रोड़ा उसकी नागरिकता बन रही है.
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) स्कैम के आरोपी मेहुल चोकसी को भारत लाने की कोशिशें की जा रही हैं. कैरिबियाई देश डोमिनिका की पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद मेहुल चोकसी का केस वहां की अदालत में चल रहा है. बीते दिन कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, अब गुरुवार को तय हो सकता है कि मेहुल चोकसी भारत आएगा या नहीं. लेकिन, मेहुल चोकसी को भारत लाने में सबसे बड़ा रोड़ा उसकी नागरिकता बन रही है. दरअसल, मेहुल चोकसी के वकील की ओर से डोमिनिका की अदालत में बार-बार तर्क दिया गया कि मेहुल चोकसी अभी भारत का नागरिक नहीं है, वो अब सिर्फ एंटीगुआ का नागरिक है. ऐसे में उसे भारत न भेजा जाए, बल्कि एंटीगुआ जाने की इजाजत दी जाए. हालांकि, भारत की ओर से पहुंची टीम ने इसका विरोध किया है. भारत का तर्क है कि मेहुल चोकसी ने कभी भारत की नागरिकता त्यागी ही नहीं और दूसरे देश का नागरिक बन गया. ऐसे में भारत के पास अधिकार है कि वह उसपर कार्रवाई कर सके. भारत की ओर से ही मेहुल चोकसी के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस निकला है. नागरिकता को लेकर क्या कहते हैं नियम? ये तो साफ है कि भारत में दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं दी गई है. यानी अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश का नागरिक है, तो उसे भारत की नागरिकता नहीं मिल पाएगी. नागरिकता अधिनियम, 1955 (Citizenship Act, 1955) के सेक्शन 9 के मुताबिक, भारत का कोई नागरिक अगर किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो वह भारत का नागरिक नहीं रहता है. लेकिन इसी सेक्शन का दूसरा हिस्सा ये भी कहता है कि किसी परिस्थिति में अगर नागरिक विदेशी नागरिकता लेता है, तो भारत की सरकार इसे नकार सकती है. यानी भारत के लिए विदेशी नागरिकता लागू नहीं होती. यानी इस मामले में केंद्र का तर्क यही है कि अभी तक मेहुल चोकसी ने नियमों के मुताबिक, भारत की नागरिकता नहीं छोड़ी है. गौरतलब है कि पीएनबी बैंक को 13,500 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोपी मेहुल चोकसी एंटीगुआ में रह रहा था. मई के आखिरी हफ्ते में एंटीगुआ से डोमिनिका पहुंचा था. जहां उसे पकड़ लिया गया, मेहुल चोकसी के वकील का दावा है कि उसे अगवा किया गया. अब मेहुल चोकसी पुलिस की हिरासत में है.
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.







