
उमेश कोल्हे हत्याकांड: वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने की थी बिरयानी पार्टी
AajTak
अमरावती हत्याकांड में NIA ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि सभी आरोपियों ने हत्या को अंजाम देने के बाद जश्न मनाया था. उन्होंने साथ मिलकर पार्टी की थी.
अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या वाले मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. NIA द्वारा जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अब जांच एजेंसी ने एक और बड़ा खुलासा कर दिया है. इस खुलासे में NIA ने बताया है कि आरोपियों ने उमेश कोल्हे की हत्या करने के बाद जश्न भी मनाया था. सभी ने बिरयानी पार्टी का आयोजन किया था.
अभी इस समय सभी आरोपियों को 12 अगस्त तक कस्टडी में भेज दिया गया है. NIA खुलासे की बात करें तो इरफान के ड्राइवर अब्दुल अरबाज और मौलवी मुश्फीक अहमद ने उमेश कोल्हे की हत्या के बाद जश्न की तैयारी की थी. वो पार्टी उनके द्वारा सभी दूसरे आरोपियों के लिए रखी गई थी. अब वो पार्टी कहा की गई, कितने बजे हुई, इसे लेकर NIA ने कुछ नहीं बताया है.
अमरावती पुलिस के मुताबिक, 54 साल के केमिस्ट उमेश प्रहलादराव कोल्हे की 21 जून को हत्या कर दी गई थी और इस सिलसिले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. यह घटना राजस्थान के उदयपुर में एक टेलर कन्हैयालाल की हत्या करने से एक हफ्ते पहले हुई थी. अमरावती सिटी कोतवाली के एक अधिकारी ने बताया था, 'उमेश कोल्हे अमरावती शहर में एक मेडिकल स्टोर चलाते थे. उन्होंने कथित तौर पर नूपुर शर्मा के समर्थन में उनकी टिप्पणियों के लिए कुछ वाट्सएप ग्रुपों पर एक पोस्ट साझा किया था. उन्होंने गलती से पोस्ट को एक ऐसे ग्रुप में साझा कर दिया था, जिसमें कुछ मुस्लिम भी सदस्य थे, जिसमें उनके ग्राहक भी शामिल थे.'
इसके बाद ही उमेश की हत्या की प्लानिंग की गई और फिर 21 जून को उन्हें जान से मार दिया गया. वैसे उमेश के अलावा उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के दौरान भी नूपुर कनेक्शन सामने आया था. वहां पर कन्हैयालाल के बेटे ने सोशल मीडिया पर नूपुर के समर्थन में एक पोस्ट किया था. उसी वजह से कन्हैयालाल की हत्या कर दी गई.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें लागू करने के लिए संसाधन और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है. अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि प्रदूषण से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की गई है और विशेषज्ञ अध्ययन कर रहे हैं. कोर्ट ने एमिकस क्यूरी से सरकार के हलफनामे की जांच करने को कहा है और आगे की सुनवाई में योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस करेगा.

यूपी सरकार अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. श्रावस्ती, आगरा और मुजफ्फरनगर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर चलाया जा रहा है. खासकर अतिक्रमण क्षेत्र में कड़ी निगरानी के साथ बुलडोजर कार्रवाई तेज हुई है. सरकार का यह कदम अवैध निर्माण रोकने और नियम कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

प्रयागराज में भारतीय वायुसेना के एक ट्रेनी माइक्रोलाइट विमान हादसे का शिकार हो गया. विमान शहर के बीचों-बीच एक तालाब में गिर गया. यह दुर्घटना केपी कॉलेज के पीछे हुई, जिससे इलाके में काफी अफरातफरी मची. हालांकि, राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित निकाल लिए गए और उनकी जान बच गई. अधिकारी अभी इस हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं.







