
उग्र भीड़, पुलिस पर गुस्सा और अस्पताल में तोड़फोड़... कोलकाता रेप-मर्डर पर आधी रात हुआ बवाल
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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में गुरुवार आधी रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने प्रवेश किया और अस्पताल के अंदर उन हिस्सों में तोड़फोड़ की, जहां पिछले सप्ताह एक महिला डॉक्टर का शव मिला था. बीजेपी ने इसे लेकर कोलकाता पुलिस पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि जानबूझकर प्रदर्शनकारियों के भेष में टीएमसी के गुंडों ने यहां आकर सबूत मिठाए.
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में लेडी डॉक्टर के साथ हुई रेप और मर्डर की वारदात के विरोध में गुरुवार रात देश को कई जगहों पर रात 11:55 बजे 'रिक्लेम द नाइट' नाम का विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ. इसका मतलब है- रात पर अपना अधिकार हासिल करना. इस प्रदर्शन को आजादी की आधी रात में महिलाओं की आजादी की खातिर प्रदर्शन का नाम दिया गया. देखते ही देखते कोलकाता में आयोजित विरोध- प्रदर्शन हिंसक हो गया.
यहां आधी रात को हालात उस वक्त बिगड़ गए जब उग्र भीड़ हॉस्पिटल की इमरजेंसी बिल्डिंग में बैरिकेड तोड़कर घुस गई. रात करीब 12 बजे अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की गई...डॉक्टरों के साथ मारपीट की गई. अस्पताल परिसर में जिस जगह प्रदर्शनकारी डॉक्टर धरना दे रहे थे, उस जगह पर भी उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की और कुर्सियां तोड़ी गईं, पंखे तोड़ दिए.
अस्पताल के अंदर तोड़फोड़ इमरजेंसी वॉर्ड के अंदर शायद ही कुछ बचा हो. खिड़की, बेड से लेकर तमाम मेडिकल इक्विपमेंट तक सबकुछ तहस-नहस कर दिया गया. यहां तक कि अस्पताल के अंदर बने पुलिस बैरक को भी भीड़ ने तोड़ डाला. अस्पताल के बाहर पहले इंसाफ की मांग को लेकर नारे लगे और फिर देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए.
इस भीड़ ने अचानक अस्पताल पर हमला बोल दिया. उस इमरजेंसी बिल्डिंग पर भी हमला किया गया जहां महिला डॉक्टर के साथ रेप हुआ और उसकी हत्या की गई. जिस इमारत के कोने-कोने में वारदात के सबूत छिपे हुए थे. उसी इमारत को देर रात तहस नहस कर दिया गया. पुलिस ने उग्र भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.
कोलकाता पुलिस का कहना है कि कुछ अज्ञात बदमाशों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में तोड़फोड़ की. करीब 40 लोगों का एक ग्रुप प्रदर्शनकारियों में शामिल था. इन्हीं लोगों ने अस्पताल में हिंसा को अंजाम दिया. इस दौरान पुलिस वाहन और कुछ दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. भीड़ को काबू करने के लिये लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
कोलकाता पुलिस कमिश्नर का बयान कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल ने कहा, 'अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या कम थी जिसके कारण वह उग्र भीड़ को काबू नहीं किया जा सका. पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. महिला डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर केस में पुलिस ने पुरी ताकत के साथ काम किया लेकिन लगातार फैलाई जा रही अफवाहों की वजह से हालात बेकाबू हो गये.'

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