
ईरान में रजा शाह पहलवी के दौर में काफी खुला हुआ था समाज, जानिए 1979 की इस्लामिक क्रांति की कहानी जिसके बाद बढ़ी कट्टरता
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ईरान के इतिहास को देखा जाए तो रजा शाह पहलवी के दौर में वहां का समाज काफी खुला हुआ था. उनके बेटे रजा पहलवी के शासन में भी ईरान पश्चिमी मुल्कों से भी ज्यादा 'खुला' था. यूनिवर्सिटी में महिलाओं की संख्या बढ़ने लगी थी. उनकी ड्रेस, बालों और अपने हिसाब से पहनावे पर कोई रोकटोक नहीं थी. महिलाओं को सड़कों पर भी पश्चिमी शैली के कपड़े पहने देखा जा सकता था.
ईरान में एक लड़की को यूनिवर्सिटी कैंपस में अपने कपड़े उतारने के बाद गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि छात्रा को हिजाब ना पहनने पर यूनिवर्सिटी की मॉरलिटी पुलिस ने गेट पर ना सिर्फ रोक लिया था, बल्कि हिंसक भी हो गए थे और गलत बर्ताव किया था. घटना के विरोध में लड़की ने अपने कपड़े उतार दिए और इनरवियर में कैंपस में टहलने लगी थी. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
कुछ मीडिया रिपोर्टस में यह भी कहा जा रहा है कि लड़की ने देश के सख्त इस्लामी ड्रेस कोड के विरोध में अपने कपड़े उतारे. बाद में पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया. यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि छात्रा मानसिक रूप से ठीक नहीं है. वहीं, मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी ने छात्रा की तुरंत रिहाई की मांग की है. हालांकि, ईरान जैसा आज है, वैसा 70 के दशक तक नहीं था. तब ईरान, यूरोपीय देशों की तरह खुले विचारों वाला देश था. यहां जाने वाले लोग अक्सर महिलाओं की आजादी की तारीफ करते नहीं थकते थे. लेकिन, 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यहां से राजा को जान बचाकर भागना पड़ा. उसके बाद ये देश पूरी तरह बदल गया. महिलाओं की आजादी खत्म हो गई और ईरान कट्टर इस्लामिक मुल्क बन गया, जहां हिजाब ना पहनने पर भी सजा दे दी जाती है.
कट्टरता से नियमों का पालन करवाता है ईरान
दरअसल, ईरान, शरिया कानून पर चलने वाला एक ऐसा मुल्क है, जो धार्मिक मान्यताओं का पालन पूरी कट्टरता से करता और करवाता है. कपड़ों से लेकर इबादत तक से जुड़े ऐसे कई कड़े नियम हैं जो लोगों के सार्वजनिक जीवन को नियंत्रित करते हैं. इन नियमों पर ईरानी सरकार की पैनी नजर रहती है और इनका उल्लंघन करने पर सख्त सजा दी जाती है. हालांकि, शनिवार के घटनाक्रम ने हर किसी को चौंका दिया. इस वीडियो ने दो साल पहले ईरान में हुई हिजाब क्रांति की भी यादें ताजा कर दीं.
ईरान के इतिहास को देखा जाए तो रजा शाह पहलवी के दौर में वहां का समाज काफी खुला हुआ था. उनके बेटे रजा पहलवी के शासन में भी ईरान पश्चिमी मुल्कों से भी ज्यादा 'खुला' था. यूनिवर्सिटी में महिलाओं की संख्या बढ़ने लगी थी. उनकी ड्रेस, बालों और अपने हिसाब से पहनावे पर कोई रोकटोक नहीं थी. महिलाओं को सड़कों पर भी पश्चिमी शैली के कपड़े पहने देखा जा सकता था. लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति में रजा पहलवी को अपदस्थ कर दिया. उसके बाद ईरान में इस्लामिक कट्टरता बढ़ती गई. जानिए पूरी कहानी...
कभी पश्चिमी मुल्कों से भी ज्यादा 'खुला' था ईरान

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