
अरब सागर में उतारी परमाणु पनडुब्बी, अमेरिका को मिलिट्री बेस... मिडिल ईस्ट जंग में ब्रिटेन की भी एंट्री?
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मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच अमेरिका लगातार ईरान को धमकियां दे रहा है और ईरान भी इन धमकियों का जवाब दे रहा है. इस जारी संघर्ष में अब ब्रिटेन की भागीदारी भी बढ़ती हुई नजर आ रही है.
मिडिल ईस्ट में जंग लगातार जारी है. 20 से अधिक दिनों से चल रहे इस युद्ध में हमले थमने का नाम नहीं ले रहे. अब इस संघर्ष में ब्रिटेन की भागीदारी भी बढ़ती दिखाई दे रही है. ब्रिटेन ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए अरब सागर में एक परमाणु संचालित पनडुब्बी तैनात की है.
'डेली मेल' की रिपोर्ट के अनुसार, HMS Anson नामक यह पनडुब्बी टॉमहॉक ब्लॉक IV क्रूज मिसाइलों से लैस है, जो सैकड़ों मील दूर स्थित लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता रखती है.
बता दें, ब्रिटेन ने अपनी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने सैन्य बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी है. अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को निशाना बना रहे ईरानी ठिकानों को तबाह करने के लिए अमेरिकी ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग कर सकता है.
इस बीच ब्रिटेन मैरीटाइम अथॉरिटी ने जानकारी दी है कि यूएई के तट के पास एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया गया है. UKMTO ने बताया कि यूएई के शारजाह से लगभग 15 नॉटिकल मील उत्तर में एक घटना की जानकारी मिली है.
एक बल्क कैरियर के कप्तान ने बताया कि जहाज के पास किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल के कारण धमाका हुआ. हालांकि सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित बताए जा रहे हैं.ट्रंप की धमकी, ईरान का पलटवार
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव लगातार गहराता जा रहा है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टिमेटम दिया है. ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन दी है. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज को बिना किसी खतरे के पूरी तरह से नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स (बिजली केंद्रों) को निशाना बनाकर उन्हें खत्म कर देगा.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा. कई टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बाद भी ईरान, अमेरिका और इजरायल पर जबरदस्त पलटवार कर रहा है. ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ना तो ईरान के तेवर कमजोर पड़ रहे और ना ही NATO और दुनिया के तमाम देश ट्रंप का साथ दे रहे. सवाल है क्या ईरान को हराना ट्रंप के लिए 'नाक की लड़ाई' बन गई है? देखें हल्ला बोल.

ईरान ने भी अपनी मिसाइल ताकत को दुनिया के सामने पेश किया है और ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद ब्रिटेन के सैन्य बेस पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर दो लॉन्ग रेंज मिसाइलों से हमला किया है. हम आपको बता दें कि ईरान से दिएगो गार्सिया की दूरी करीब 4 हजार किलोमीटर है. ईरान ने दिएगो गार्सिया की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जिसमे एक को बीच में ही नष्ट करने का दावा किया जा रहा है.

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, लेकिन ईरान ने एक्स्ट्रा तेल होने से इनकार कर दिया. दोनों के दावों से वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है. दुनियाभर के मुल्क ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अमेरिकी की ओर से छूट मिलने के बाद ईरान का तेल उन्हें मिलेगा. लेकिन, ईरान के बयान से सभी को बड़ा झटका लगा है.










