
ईराक-सीरिया में अमेरिका का लेट नाइट एक्शन, 85 टारगेट पर भीषण एयरस्ट्राइक, 18 लोग मारे गए, कमांड सेंटर ध्वस्त
AajTak
जॉर्डन हमले के जवाब में अमेरिका ने सीरिया और इराक में 85 ठिकानों पर बमबारी की है, जिसमें कई आतंकी मारे गए. अमेरिकी सेना ने एक बयान में कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने शुक्रवार को इराक और सीरिया में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और उनके समर्थित मिलिशिया से जुड़े 85 से अधिक ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए हैं.
जॉर्डन हमले के जवाब में अमेरिका ने सीरिया और इराक में 85 ठिकानों पर बमबारी की है, जिसमें कई आतंकी मारे गए. अमेरिकी सेना ने एक बयान में कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने शुक्रवार को इराक और सीरिया में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और उनके समर्थित मिलिशिया से जुड़े 85 से अधिक ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए. अमेरिकी सेना ने खासकर ईरान की कुद्स फोर्स को निशाना बनाया है. जॉर्डन में एक घातक हमले में मारे गए तीन अमेरिकी सैनिकों और 40 से ज्यादा अन्य लोगों घायल हो गए थे. इसके बाद अब अमेरिकी सेना ने जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिका ने शुक्रवार को इराक और सीरिया में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) और उनके समर्थित मिलिशिया से जुड़े 85 से ज्यादा ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए हैं. हालांकि, अमेरिकी हमलों में ईरान के अंदर किसी भी स्थान को निशाना नहीं बनाया.
'7 जगहों पर 85 ठिकानों को बनाया निशाना' अमेरिकी सेना ने एक बयान में कहा कि हमलों ने कमांड और कंट्रोल सेंटर, रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन भंडारण सुविधाओं के साथ-साथ रसद और गोला-बारूद आपूर्ति श्रृंखला सुविधाओं सहित ठिकानों को निशाना बनाया. हमलों में सात जगहों पर 85 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें से चार सीरिया में और तीन इराक में शामिल थे.
उन्होंने आईआरजीसी की विदेशी जासूसी और अर्धसैनिक टुकड़ियों की कुद्स फोर्स को निशाना बनाया, जो लेबनान से इराक और यमन से सीरिया तक मध्य पूर्व में हमारी सहयोगी सेनाओं को काफी प्रभावित करता है.
राइट्स के अनुसार, हमलों में लंबी दूरी के बम वर्षा ने वाले बी-1 इस्तेमाल किया गया है, जिसमें सीरिया में 18 ईरान समर्थित आतंकवादी मारे गए हैं.
सैनिकों के परिवार से मिले बाइडन
मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना की एयर स्ट्राइक के बारे में बताते हुए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, पिछले रविवार को जॉर्डन में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) समर्थित आतंकवादी ग्रुप ने एक ड्रोन से तीन अमेरिकी सैनिकों की हत्या कर दी थी. इससे पहले आज मैंने डोवर एयर फोर्स बेस में इन बहादुर अमेरिकियों को श्रद्धांजलि दी और मैंने उनके हर परिवार से बात की है.

गाजा पुनर्विकास के लिए ट्रंप की शांति योजना के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों का ऐलान कर दिया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद उसके अध्यक्ष होंगे. इधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के तहत गाजा के पुनर्विकास के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में नामित किया गया है. देखें अमेरिकी से जुड़ी बड़ी खबरें.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया. जबकि डेनमार्क और यूरोप ने NATO मौजूदगी बढ़ाने का संकेत दिया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने से जुड़े बयान दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है.

अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.







