
इस लड़की से क्या है आजम खान का रिश्ता? जो इनकम टैक्स की रेड के बाद चर्चा में आई
AajTak
Ekta Kaushik: आजम आजम के छोटे बेटे अदीब खान के साथ एकता कौशिक के संबंध काफी मित्रवत माने जाते हैं. यह भी चर्चा में आया था कि एकता को आजम अपनी दत्तक पुत्री की तरह मानते हैं. और यही वजह है कि एकता समेत उनके पूरे परिवार का राजनीतिक रसूख भी काफी ज्यादा माना जाता है.
दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की रहने वाली एकता कौशिक (Ekta Kaushik) आयकर विभाग (IT) की कार्रवाई के बाद फिर सुर्खियों में आ गई हैं. जगुआर, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसे बड़े ब्रांड की कारें खरीदे जाने की सूचना के बाद एकता के घर आईटी की रेड पड़ी थी. इससे पहले एकता कौशिक की तमाम तस्वीरों में समाजवादी पार्टी के बड़े नेता आजम खान और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव साथ नजर आई थीं, तब भी उन्होंने मीडिया में चर्चा बटोरी थी. एकता कौशिक के पिता सुरेंद्र कौशिक गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) से रिटायर्ड हैं. वह जीडीए के एकाउंट विभाग में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत थे. वहीं, एकता के ससुर परितोष शर्मा भी पहले जीडीए में अवर अभियंता (जूनियर इंजीनियर) पद पर कार्यरत थे. हालांकि, उन्होंने साल 2009 में नौकरी से वीआरएस लेकर कंस्ट्रक्शन का काम शुरू कर दिया था. परितोष शर्मा के परिवार का कांग्रेस के साथ अच्छा रिश्ता है.
बता दें कि गाजियाबाद निवासी एकता कौशिक को यूपी के पूर्व मंत्री आजम खान के परिवार का करीबी माना जाता है. आजम के छोटे बेटे अदीब खान और उनकी पुत्रवधू सिदरा अदीब के साथ भी एकता के संबंध काफी मित्रवत माने जाते हैं. यह भी चर्चा में आया था कि एकता कौशिक को आजम खान अपनी दत्तक पुत्री की तरह मानते हैं. और यही वजह है कि एकता समेत उनकी पूरी ससुराल पक्ष का राजनीतिक रसूख भी काफी ज्यादा माना जाता है.
दरअसल, एकता कौशिक और आजम खान के बेटे अदीब नोएडा फिल्मसिटी के एक संस्थान से पढ़े थे. एकता ने जहां जूलरी डिजाइनिंग का कोर्स किया, वहीं अदीब ने मॉडलिंग की पढ़ाई की थी. अदीब से दोस्ती के चलते ही एकता आजम खान के संपर्क में आईं और धीरे-धीरे यह संपर्क का घनिष्ठता में बदल गया. आजम खान ने जौहर यूनिवर्सिटी के देखरेख का काम एकता कौशिक को सौंप दिया.
बीते दिनों आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी के घर इनकम टैक्स की रेड पड़ी तो गाजियाबाद में एकता कौशिक के सेक्टर-9 स्थित आवास पर भी आयकर टीम पहुंची. यही नहीं, इससे पहले भी एकता कौशिक के यहां इनकम टैक्स की रेड पड़ चुकी है.
हाल में जगुआर, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसे बड़े ब्रांड की कारें एकता कौशिक और उनके परिवार के सदस्यों ने खरीदी थीं. इसको लेकर भी आईटी टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की थी.
'4 बेटियां भी ऐसी सेवा नहीं करतीं'

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?

जब UGC के नए नियमों के खिलाफ छात्र सड़कों पर विरोध कर रहे थे और ये कह रहे थे कि उन्हें ज़बरदस्ती अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, तब सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इन नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, जिससे छात्रों को राहत मिली है. यह कदम छात्रों के अधिकारों की रक्षा और न्यायसंगत प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय और हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है.







