
'इस्लामिक आतंकी हमला...', अमेरिका का बड़ा ऐलान, पहलगाम अटैक के आतंकियों को दबोचने में करेगा भारत की मदद
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पहलगाम में हुआ यह आतंकी हमला कश्मीर में अब तक का सबसे बर्बर हमलों में से एक है, जिसमें 26 पर्यटकों को निशाना बनाकर मार डाला गया. भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हमले के जिम्मेदारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. क्षेत्र में सुरक्षा और खुफिया तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत को समर्थन मिल रहा है. इस क्रम में अमेरिका ने बड़ा ऐलान किया है. अमेरिका ने कहा है कि वह पहलगाम हमले के आतंकियों को दबोचने में भारत की मदद करेगा. इसकी घोषणा ट्रंप प्रशासन में राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने की. उन्होंने इस भयावह हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और भारत के लोगों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.
तुलसी गबार्ड ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, "इस भयावह इस्लामी आतंकी हमले के बाद हम भारत के साथ एकजुट हैं, जिसमें पहलगाम में 26 हिंदुओं को निशाना बनाकर मार डाला गया. मेरी प्रार्थनाएं और गहरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया. हम आपके साथ हैं और इस जघन्य हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को दबोचने में आपका समर्थन करेंगे।"
बता दें कि पहलगाम में हुआ यह आतंकी हमला कश्मीर में अब तक का सबसे बर्बर हमलों में से एक है, जिसमें 26 पर्यटकों को निशाना बनाकर मार डाला गया. भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हमले के जिम्मेदारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. क्षेत्र में सुरक्षा और खुफिया तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है. साथ ही आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान पर भी कई तरह की पाबंदियां भारत ने लगाई हैं.
उल्लेखनीय है कि यह घटना अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बारे में पूछने वाले एक पाकिस्तानी पत्रकार की बात सुनने से इनकार करने के कुछ घंटों बाद हुई है.
ब्रूस ने कहा था, "राष्ट्रपति ट्रंप और सचिव रुबियो ने स्पष्ट कर दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है. हम मारे गए लोगों के जीवन के लिए प्रार्थना करते हैं और घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं तथा इस जघन्य कृत्य के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान करते हैं."
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