
इजरायल-हमास जंग : आधुनिक बख्तरबंद गाड़ियां, लाखों इजरायली सैनिक 200 बंधकों को छुड़ाने में नाकाम क्यों
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इजरायल -हमास की जंग बढ़ती जा रही है. करीब 26 दिन बीत गए इजरायल के 200 बंधक अभी भी घर आने के इंतजार में है. आखिर इजरायली सेना के लिए बंधकों को छुड़ाना इतना जटिल कैसे हो गया है?
इजराइल और हमास के बीच पिछले 7 अक्टूबर के बाद से ही जंग जारी है. इजराइल गाजा में जबरदस्त बमबारी कर रहा है जिसमें अब तक 8800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. नई दिल्ली में इजरायली दूतावास की माने तो हमास के लड़ाकों ने करीब 200 से अधिक निर्दोष नागरिकों का अपहरण कर बंधक बनाए हुए हैं. इन्हें छुड़ाने के नाम पर इजरायल जबरदस्त अटैक कर रहा है. फिलहाल 28 दिन होने जा रहे हैं पर इजरायल की सेना जिसके साथ अमेरिका और पूरा वेस्ट कदम से कदम मिलाकर चलता है ये पता लगाने में कामयाब नहीं हो सका है कि हमास ने बंधकों को कहां छुपा कर रखा है.
गाजा में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर गाजा में ऐसा क्या है जिसकी वजह से इजरायल की सेना अब तक खाली हाथ है, क्यों उन्हें अगवा किए गए एक भी शख्स का कुछ पता नहीं चल पाया है. यहां हम जानने की कोशिश करेंगे इस देरी की असल वजह.
1-हमास के खिलाफ पहले के तीन अभियान भी रहे हैं असफल
गाजा में इजरायल जमीनी हमले शुरू करके हमास स्थायी रूप से नेस्तनाबूद करने की घोषणा की है. पर यह पहली बार नहीं है जब इजराइल ऐसी बातें कर रहा है. 2005 में गाजा से हटने के बाद से इजरायल हमास से तीन बार टकराया है. 2008, 2014 और 2021 में गाजा में इज़रायली सेनाएं घुसीं.हर बार इजरायल के गाजा में घुसने के बाद हमास और मजबूत होकर उभारा है. इज़राइल ने 1982 के लेबनान युद्ध के बाद से इस बार बड़े स्तर बख्तरबंद गाड़ियां जिसमें 1,000 से अधिक टैंक और 3,70,000 रिजर्व सैनिकों के साथ चल रहा जमीनी आक्रमण में शामिल है. फिर भी अभी दूर-दूर तक बंधकों की रिहाई की उम्मीद नहीं दिख रही है. इजरायली वायु सेना भी गाजा पर कहर बरपा रही है. इसके बावजूद इज़रायली सरकार कह रही है कि ऑपरेशन में तीन महीने तक का समय लग सकता है. इसका मलतब साफ दिख रहा है कि इजरायली सेना को बंधकों के लोकेशन का कोई अंदाजा नहीं लग सका है. इसके साथ ही उत्तरी गाजा को खाली करने के लिए गाजावासियों को दी गई चेतावनी के बावजूद जमीनी हमले में काफी फिलिस्तीनी मारे जाएंगे.ऐसा होने पर अरब देशों की ओर से प्रतिकूल प्रतिक्रिया होना निश्चित है.
2-गाजा की जटिलता
गाजा की स्थिति बहुत ही जटिल है. दरअसल यह दुनिया का सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से है. इजरायल के दक्षिण पश्चिम में 45 किलोमीटर लंबा और 6-10 किलोमीटर चौड़े क्षेत्र में करीब 20 लाख लोग रहते है. इसके तीन ओर इजरायल का नियंत्रण है तो दक्षिण में मिस्र है.पश्चिम में भूमध्य सागर में इसकी जलीय सीमा भी इजरायल नियंत्रित करता है. पूरी संभावना है कि इजराइल के पास जबरदस्त मारक क्षमता होने के बावजूद, चल रहा जमीनी आक्रमण हमास के पक्ष में होगा. गाजा में बड़े पैमाने पर कंस्ट्रक्शन हुआ हैं,इजरायली वायु सेना के हमलों के चलते बहुत बड़े खंडहर बन चुके है. ऐसे इलाक़े हमलावरों से बचने के लिए मुफीद होते हैं. ये छुपने और पल भर में गायब होने की क्षमता प्रदान करते है. हमास लड़ाकों को इलाके के बारे में पता है, जबकि इजरायली सेना तकनीक के सहारे है. सैनिकों को चेतावनी देने के लिए ड्रोन और रोबोट सहित कई तरह के वीपंस सैनिकों की मदद के लिए हैं. खार्किव में रूसी ऑपरेशन और मोसुल और बगदाद में अमेरिकी ऑपरेशन इसके उदाहरण हैं. यह भी सभी जानते हैं कि ऐसे इलाको में आतंकियों के बारूदी सुरंगों से निपटना मुश्किव होता है. हमास के पास आत्मघाती हमलावर भी हैं, जो इजरायली सैनिकों पर भारी पड़ने वाले हैं.

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