
इजरायल को लेकर मोदी सरकार की नीति में बड़ा बदलाव?
AajTak
इजरायल और फिलिस्तीन में संघर्षविराम हो चुका है. लेकिन इससे पहले दोनों पक्षों में शांति बहाली के लिए गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक बुलाई गई. इसमें कई देशों ने हिस्सा लिया. बैठक में भारत ने भी मध्य पूर्व में हिंसा खत्म करने और शांति बहाल किए जाने की वकालत की. मगर भारत ने इस बार इजरायल और फिलिस्तीन के बीच मसले को सुलझाने के लिए दो राष्ट्र समाधान का जिक्र नहीं किया.
इजरायल और फिलिस्तीन में संघर्षविराम हो चुका है. लेकिन इससे पहले दोनों पक्षों में शांति बहाली के लिए गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक बुलाई गई. इसमें कई देशों ने हिस्सा लिया. बैठक में भारत ने भी मध्य पूर्व में हिंसा खत्म करने और शांति बहाल किए जाने की वकालत की. भारत हमेशा से फिलिस्तीन के लिए एक अलग राष्ट्र और पूर्वी यरुशलम को उसकी राजधानी बनाए जाने का पक्षधर रहा है मगर भारत ने इस बार इजरायल और फिलिस्तीन के बीच मसले को सुलझाने के लिए 'दो राष्ट्र समाधान' का जिक्र नहीं किया. (फोटो-Getty Images) संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच बातचीत बहाल करने लायक माहौल तैयार करने के लिए हर मुमकिन प्रयास किया जाना चाहिए. भारत ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए सार्थक वार्ता का दौर लंबा चल सकता है. (फोटो-Getty Images)
ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.









