
इजरायल का गाजा मिशन, ट्रंप की फाइनल चेतावनी और अब ईरान की एंट्री... खामेनेई-नेतन्याहू फिर लड़ेंगे जंग?
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गाजा में जारी युद्ध को लेकर इजरायल की भारी आलोचना हो रही है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हमास को फाइनल चेतावनी दे दी है. उन्होंने हमास से युद्ध खत्म करने को कहा है नहीं तो नतीजे भुगतने को तैयार करने की धमकी दी है. ऐसे में ईरान की भी प्रतिक्रिया सामने आई है.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का एक बयान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'फाइनल' चेतावनी ने गाजा में चल रहे युद्ध को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है. इजरायल गाजा पर पूर्ण कब्जे की तैयारी में है और फिलिस्तीनियों के शहर में भीषण हमले कर रहा है. इसे लेकर हो रही अंतरराष्ट्रीय आलोचना को दरकिनार करते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि आलोचनाओं का उनपर असर नहीं होता और वो जीत को चुनेंगे.
रविवार को नेतन्याहू ने कहा कि जितनी जल्दी हो सके, इजरायल युद्ध में जीत हासिल करेगा जिससे चुनौती खत्म होगी.
उन्होंने कहा, 'अगर मुझे अपने दुश्मनों पर जीत और हमारे खिलाफ प्रोपेगैंडा के बीच किसी एक को चुनना पड़े, तो मैं अपने दुश्मनों पर जीत को चुनूंगा. मैं नहीं चाहता कि हमारे बारे में ऐसे आर्टिकल्स छपे जिसमें कहा जाए कि हम दुश्मनों से हार गए लेकिन दुनिया की मीडिया में हमारे लिए अच्छी श्रद्धांजलियां छपे. मैं जीत को चुनता हूं.'
नेतन्याहू की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था, 'इजरायल भले ही गाजा में युद्ध जीत रहा है लेकिन वो पब्लिक रिलेशन्स में हार रहा है.'
ट्रंप ने यह टिप्पणी गाजा में हो रही जान-माल की भारी तबाही को देखते हुए की थी. इजरायल के युद्ध में अब तक 64,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की जान गई है जिसमें अधिकांश बच्चे और महिलाएं शामिल हैं.
इजरायल ने गाजा पर हमले अक्टूबर 2023 से शुरू किए थे जब उसी महीने की 7 तारीख को फिलिस्तीनी संगठन हमास, जिसे इजरायल और अमेरिका आतंकी संगठन कहते हैं, ने इजरायल पर हमला कर कम से कम 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी और 251 लोग बंधक बना लिए गए थे.

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