
इजरायली मिसाइलों की चपेट में आ रहे हेल्प मांगते गाजा के लोग, विकट हो गई है गई भोजन की समस्या, कैफे पर अटैक में 30 मौतें
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सोमवार को इजरायली हमले में कल 74 लोग मारे गए हैं. इनमें से 30 लोग तो तब मारे गए जब वे समंदर किनारे मौजूद एक कैफे में थे. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 15 जून के बाद से अबतक इजरालयी अटैक में 1000 लोग मारे गए. इनमें से कई तो तब मारे गए जब वह भोजन और दवाएं मदद मांग रहे थे.
"न कोई चेतावनी, न सायरन, अचानक एक विमान ने उस जगह पर हिट किया, फिर वहां कंपन ऐसी हुई जैसे भूकंप आ गया हो." इसके बाद का मंजर और भी भयावह था. सोशल मीडिया पर आ रहे वीडियो में जमीन पर खून से लथपथ और क्षत-विक्षत शव पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं तथा घायलों को कम्बलों में लपेटकर ले जाया जा रहा है.
ये आंखों देखा हाल गाजा में समंदर के किनारे बने अल-बाका कैफे में घटना के समय मौजूद एक चश्मीदद ने बताया.
एपी की रिपोर्ट के अनुसार गाजा में फूड कैफे कुछ उन स्थानों में है जहां आज भी हलचल देखी जा सकती है. यहां पर लोगों को खाना तो मिल ही जाता है, वे मोबाइल भी चार्ज कर पाते हैं और उन्हें यहां इंटरनेट का कनेक्शन भी मिल जाता है.
ऐसी ही एक कैफे पर सोमवार को इजरायली हमले में 30 फिलिस्तीनी मारे गए हैं.
सोमवार को इजरायली हमले में फिलिस्तिनियों के हताहत होने की कुल संख्या ज्यादा है. एपी के अनुसार सोमवार को इजरायली हमलों में कम से कम 74 लोग मारे गए हैं.
इनमें 30 तो कैफे में मरे हैं और बाकी दुखद मौतें शहर के दूसरे इलाकों में हुई है.

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