
इजरायली अटैक में चौपट हो गया ईरान के एयर डिफेंस का रडार सिस्टम! ईरानी एयर स्पेस की सिक्योरिटी को गंभीर चुनौती
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इजरायली हमले में ईरान का बड़ा नुकसान हुआ है. हमले के बाद ईरान की सेना ने बताया था कि हमले में एयर डिफेंस सिस्टम में काम करने वाले चार सैनिक मारे गए हैं. वहीं ईरानी मीडिया ने कहा कि हताहतों की संख्या शायद बढ़ सकती है.
इजरायल ने सिर्फ ईरान पर ताबड़तोड़ हमले नहीं किए बल्कि एक ही रात में इराक और सीरिया के कई ठिकानों को भी तबाह किया. ईरान एयर डिफेंस ने माना है कि इजरायल ने तेहरान, कुजेस्तान और इलम प्रांत में कुछ मिलिट्री ठिकानों के हिस्से को टारगेट किया है.
तीन ईरानी अधिकारियों और तीन वरिष्ठ इजरायली रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इजरायल के हमलों के दौरान कई महत्वपूर्ण तेल और पेट्रोकेमिकल रिफाइनरियों की सुरक्षा के तैनात एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, इजरायल द्वारा लक्षित ठिकानों में जो एयर डिफेंस तबाह हुए हैं वो खुज़स्तान प्रांत में स्थित बंदरगाह विशाल इमाम खुमैनी पेट्रोकेमिकल परिसर, उसके निकट स्थित प्रमुख आर्थिक बंदरगाह बंदर इमाम खुमैनी और अबादान तेल रिफाइनरी की सुरक्षा के लिए तैनात थे.
एयर डिफेंस सिस्टम तबाह होने से बड़ी ईऱान की टेंशन
अधिकारियों ने बताया कि इलम प्रांत में गैस क्षेत्र की रिफाइनरी, जिसे तांगे बिजार कहा जाता है, वहां भी एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला किया गया है. इनमें से एक ईरान के तेल मंत्रालय से जुड़ा हुआ है. हमलों से परिचित ईरानी और इजरायली अधिकारियों ने खुफिया जानकारी पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर बात की. तीनों ईरानी अधिकारियों ने कहा कि इजरायल द्वारा एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह करने से ईरान बेहद चिंतित हो गया है क्योंकि यदि ईरान और इजरायल के बीच प्रतिशोध दौर जारी रहता है तो फिर भविष्य में और भी महत्वपूर्ण ऊर्जा और आर्थिक केंद्र अरसुरक्षित हो जाएंगे.
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ईरान के तेल और गैस उद्योग के विशेषज्ञ और ईरान-इराक चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य हामिद हुसैनी ने कहा, "इज़राइल हमें एक स्पष्ट संदेश भेज रहा है.इससे ईरान के लिए बहुत गंभीर आर्थिक परिणाम हो सकते हैं, और अब जब हम दांव पर लगे खतरों को समझ गए हैं तो हमें समझदारी से काम लेना चाहिए और तनाव को जारी नहीं रखना चाहिए."

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