
इच्छामृत्यु पर चल रही थी सुनवाई... सुप्रीम कोर्ट में क्यों हुआ स्टीफन हॉकिंग और माइकल शूमाकर का जिक्र?
AajTak
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को 'इच्छामृत्यु' के मामले पर सुनवाई के दौरान जाने-माने वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और फॉर्मूला-1 रेसर माइकल शूमाकर का जिक्र हुआ. स्टीफन हॉकिंग का निधन 14 मार्च 2018 को 76 साल की उम्र में हो गया था. वहीं, माइकल शूमाकर दिसंबर 2013 में एक कार एक्सीडेंट के बाद लंबे समय के लिए कोमा में चले गए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु को लेकर जो गाइडलाइंस जारी की थी, उसमें बदलाव करने को तैयार हो गया है. इस मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking) और माइकल शूमाकर (Michael Schumacher) का जिक्र भी हुआ.
दरअसल, साल 2018 में तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने इच्छामृत्यु और लिविंग विल को लेकर गाइडलाइंस जारी की थीं. अब इन गाइडलाइंस में संशोधन की मांग को लेकर एक याचिका दायर हुई है, जिस पर जस्टिस केएम जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संवैधानिक बेंच सुनवाई कर रही है.
बेंच ने कहा कि सरकार को एक कानून बनाना चाहिए, ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज अपना इलाज रुकवा सकें और इच्छामृत्यु ले सकें. हालांकि, अदालत 2018 की गाइडलाइंस में भी संशोधन को तैयार हो गई.
इसी दौरान जस्टिस अनिरुद्ध बोस ने जाने-माने वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का जिक्र किया. वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट अरविंद दतार ने माइकल शूमाकर की बात छेड़ी. माइकल शूमाकर सात बार के फॉर्मूला-1 रेसिंग कार के चैम्पियन हैं.
इनका जिक्र क्यों हुआ?
जस्टिस अनिरुद्ध बोस मेडिकल साइंस की तरक्की के बारे में बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि 'अगर हम स्टीफन हॉकिंग का करियर देखें तो बहुत पहले ही उनके बारे में भविष्यवाणी कर दी गई थी.'

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







