
'इंडियन आर्मी क्यों जीती 1971 वॉर', जब Pak युद्धबंदी ने सैम मानेकशॉ को बताया
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1971 की जंग में हार मानकर 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने बिना शर्त घुटने टेक दिये। भारतीय सेना ने 1971 में सरेंडर करने वाले हरेक पाकिस्तानी सैनिक को वापस उनके देश भेज दिया था लेकिन ये पाकिस्तान का चरित्र है कि उसने भारतीय सैनिकों को बंदी बनाए जाने की बात को सार्वजनिक तौर पर हमेशा खारिज ही किया है. उन्हें रिहा करने के बारे में तो सोचा भी नहीं है ऐसे बेशर्म पाकिस्तान को जितना शर्मिंदा किया जाए उतना कम है. 1971 की जीत भारतीय सेना के युद्धकौशल का शानदार उदाहरण है. इसी बीच 'इंडियन आर्मी क्यों जीती 1971 वॉर', इस सवाल का जवाब Pak युद्धबंदी ने सैम मानेकशॉ को बताया था. देखें वीडियो

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












