
'इंडिया के जूते के बराबर नहीं, जीतने की औकात...', हार पर झल्लाया पाकिस्तानी फैन, PAK मीडिया क्या बोली?
AajTak
एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया. टीम की हार के बाद पाकिस्तान की मीडिया और वहां के लोग काफी हताश दिखे. वहीं एक पाकिस्तानी क्रिकेट फैन ने भर-भर कर भारत की तारीफ की है और अपनी टीम को खूब लताड़ा है.
रविवार को हुए एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया. जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पाकिस्तान के गृह मंत्री और एशिया क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से मना कर दिया. नकवी स्टेज पर खड़े होकर भारतीय टीम का इंतजार करते रहे, लेकिन टीम उनके हाथों ट्रॉफी लेने नहीं आई. भारत का यह विरोध पाकिस्तान की आतंकी हरकतों का जवाब था जिसमें पाक स्पॉन्सर आतंकियों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हमला कर 26 लोगों की जान ले ली थी.
पाकिस्तानी मंत्री से जीत की ट्रॉफी न लेने के भारत के फैसले पर पाकिस्तान आगबबूला हो गया है. अपनी टीम की हार से हताश पाकिस्तान की मीडिया और वहां के लोग अब अपनी भड़ास निकालने के लिए ट्रॉफी न लेने के भारत के फैसले को भला-बुरा कह रहे हैं.
डॉन ने एशिया कप में पाकिस्तान की हार पर एक लेख प्रकाशित किया, जिसका शीर्षक है- क्रिकेट में फिर हावी हुई राजनीति, भारत ने एशिया कप ट्रॉफी लेने से किया इनकार.
अखबार ने अपनी खबर में जो तस्वीर लगाई है उसमें पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा एशिया क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से रनर अप का चेक लेते दिख रहे हैं.
लेख में डॉन ने लिखा, 'रविवार को एशिया कप का समापन समारोह विवादों में घिर गया, जब भारतीय क्रिकेट टीम ने एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से विजेता की ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया. मैदान पर राजनीति का यह एक बड़ा उदाहरण बन गया. भारत ने पाकिस्तान को आखिरी ओवर में पांच विकेट से हराकर रिकॉर्ड नौवीं बार एशिया कप खिताब जीता. हालांकि, मैच खत्म होने के बाद टीम इंडिया के इस फैसले की वजह से समापन समारोह काफी देर तक रुका रहा.'
डॉन ने लिखा कि मैच के बाद दोनों टीमों के बीच हैंडशेक भी नहीं हुआ. लेख में पीएम मोदी के उस ट्वीट का भी जिक्र है जिसमें उन्होंने भारतीय टीम को जीत की बधाई दी थी. डॉन ने लिखा, 'पीएम नरेंद्र मोदी ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए पॉलिटिकल रेफरेंस वाला पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, 'मैदान पर 'ऑपरेशन सिंदूर'. नतीजा वही- भारत जीता! हमारे क्रिकेटरों को बधाई.'

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








