
आफताब के फ्लैट से 5 चाकू तो फरीदाबाद में मिले बॉडी पार्ट्स की जांच! उलझती जा रही श्रद्धा की मर्डर मिस्ट्री
AajTak
पुलिस को भी आफताब के घर से 5 बड़े चाकू मिले हैं. ये कोई सामान्य घर में इस्तेमाल होने वाले चाकू नहीं हैं, बल्कि इनकी लंबाई करीब 5-6 इंच हैं. बरामद इन पांचों चाकुओं को जांच के लिए भेज दिया गया है, फोरेंसिक टीम ही बता पाएगी की क्या इन चाकुओं का इस्तेमाल श्रद्धा की बॉडी को काटने के लिए आफताब ने किया था.
श्रद्धा केस में मर्डर मिस्ट्री सुलझती नजर नहीं आ रही है. जहां एक ओर दिल्ली पुलिस हथियारों, श्रद्धा के शव के टुकड़ों की तलाश के लिए दिल्ली-एनसीआर का कोना कोना तलाश रही है, तो वहीं, श्रद्धा के मोबाइल फोन का पता लगाने के लिए मुंबई तक दौड़ लगा रही हैं. इतना ही नहीं श्रद्धा मर्डर केस से जुड़ी छोटी से छोटी जानकारी और सबूत के लिए दिल्ली पुलिस की टीमें दिल्ली, हिमाचल, हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड में जांच में जुटी हैं. आफताब का दो दौर का पॉलीग्राफ टेस्ट भी हो चुका है, लेकिन अब पुलिस के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लगा है.
एक नहीं कई हथियार से किए इस्तेमाल
पहले कहा जा रहा था कि आफताब ने गलादबाकर श्रद्धा की हत्या की. इसके बाद आरी से उसके शव के 35 टुकड़े किए. लेकिन अब आफताब ने बताया कि उसने एक नहीं बल्कि कई हथियारों से श्रद्धा के टुकड़े किए थे. उधर, पुलिस को भी आफताब के घर से 5 बड़े चाकू मिले हैं. ये कोई सामान्य घर में इस्तेमाल होने वाले चाकू नहीं हैं, बल्कि इनकी लंबाई करीब 5-6 इंच हैं. बरामद इन पांचों चाकुओं को जांच के लिए भेज दिया गया है, फोरेंसिक टीम ही बता पाएगी की क्या इन चाकुओं का इस्तेमाल श्रद्धा की बॉडी को काटने के लिए आफताब ने किया था. लेकिन पुलिस अब तक दूसरा बड़ा हथियार आरी बरामद नहीं हो पाई है.
आरी की तलाश जारी
इससे पहले आफताब ने पूछताछ में दिल्ली पुलिस को बताया था कि उसने श्रद्धा मर्डर में इस्तमाल आरी और ब्लेड को गुरुग्राम की DLF फेज 3 की झाड़ियो में फेंका है. वहीं, चापड़ उसने महरौली के 100 फीट रोड स्थित कूड़ेदान में फेंक दिया था. दिल्ली पुलिस की टीम 2 बार गुरुग्राम में उन झाड़ियो की जांच कर चुकी है. 18 नवंबर को यहां जांच के बाद दिल्ली पुलिस की टीम गुरुग्राम की झाड़ियो से कुछ सबूत लेकर निकली थी, जिसे CFSL जांच के लिए भेजा गया है. इसके बाद 19 नवंबर की जांच में दिल्ली पुलिस मेटल डिटेक्टर के साथ गुरुग्राम गई थी, लेकिन उस दिन दिल्ली पुलिस खाली हाथ ही वापस लौटी.
फरीदाबाद में मिले शव के टुकड़े!

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.

नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. हादसे के जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है. प्रशासन ने अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं.

महाराष्ट्र के ठाणे में तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने से सनसनी फैल गई. कल्याण के बारावे गांव से दो सगी बहनें और उनकी 13 साल की भांजी घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक अहम सूचना के आधार पर पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया है, जहां लड़कियों की तलाश की जा रही है.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मिड-डे मील योजना से जुड़े हजारों रसोइया और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर तूता मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. रसोइया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन मानदेय मिलता है, जो उनके परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है. ठंड के बावजूद वे 22 दिनों से धरना दे रहे हैं पर शासन के कोई प्रतिनिधि उनसे अब तक नहीं मिले हैं.

आठवीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य ने चार शंकराचार्य पीठों की स्थापना की. उद्देश्य था हिंदू धर्म और दर्शन को बचाना और आगे बढ़ाना. ऐसा हुआ भी. लेकिन पिछली एक सदी में कई और शंकराचार्य पीठ गढ़ ली गईं. इन पर बैठने वालों में कलह आम हुई. चुनावी लाभ, उत्तराधिकार का झगड़ा, राजनीतिक हस्तक्षेप, और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं ने इस पद को धार्मिक से ज्यादा राजनीतिक बना दिया है.





