
असम की जेल में बंद खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह लड़ेगा चुनाव, वकील ने किया दावा
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अमृतपाल सिंह NSA के तहत डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं. अमृतपाल के वकील राजदेव सिंह खालसा ने जेल में उनसे मुलाकात की, जहां दोनों के बीच चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा हुई. अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह और चाचा सुखचैन सिंह शुक्रवार को जेल में उससे मुलाकात करेंगे. इस दौरान चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा की जाएगी.
असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तान के समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' संगठन के मुखिया अमृतपाल सिंह पंजाब से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खडूर साहिब सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. अमृतपाल के वकील ने ये जानकारी दी है.
अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं. अमृतपाल के वकील राजदेव सिंह खालसा ने जेल में उनसे मुलाकात की, जहां दोनों के बीच चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा हुई.
इस दौरान अमृतपाल ने मीडिया के लिए एक वॉयस संदेश भी साझा किया है. इस वॉयस संदेश में कहा गया है कि अमृतपाल पंजाब के खडूर साहिब से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं. वह किसी भी पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव नहीं लड़ेंगे. खालसा के मुताबिक, अमृतपाल सात से 17 मई के बीच नामांकन दाखिल कर सकते हैं.
अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह और चाचा सुखचैन सिंह शुक्रवार को जेल में उससे मुलाकात करेंगे. इस दौरान चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा की जाएगी.
अमृतपाल किस मामले में जेल में है?
पिछले साल 23 फरवरी को अमृतपाल और उसके संगठन 'वारिस पंजाब दे' से जुड़े लोगों ने अजनाला पुलिस थाने पर हमला कर दिया था. अमृतपाल और उसके समर्थकों के हाथ में तलवार, लाठी-डंडे थे. ये पूरा बवाल आठ घंटे तक चला था. ये बवाल अमृतपाल के समर्थक लवप्रीत तूफान की रिहाई की मांग को लेकर हुआ था.

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