
असम की घटना पर मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने की भारत की आलोचना
AajTak
असम के दरांग जिले के ढोलपुर गोरुखुटी क्षेत्र के एक फोटोग्राफर का शव के साथ बर्बरता का वीडियो वायरल हो गया था जिसके बाद विपक्ष, मानवाधिकार संगठनों और पाकिस्तान के मंत्रियों तक ने इस पूरे मामले की तीखी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की थी. अब इस्लामिक सहयोग संगठन ने भारत के नॉर्थ-ईस्ट राज्य असम में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ 'व्यवस्थित तरीके से चल रहे उत्पीड़न और हिंसा' की आलोचना की है.
असम के दरांग जिले में पिछले महीने पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इस अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान दो लोगों की जान चली गई थी. हालांकि इसी हिंसा के दौरान असम के दरांग जिले के ढोलपुर गोरुखुटी क्षेत्र के एक फोटोग्राफर का शव के साथ बर्बरता का वीडियो वायरल हो गया था जिसके बाद विपक्ष, मानवाधिकार संगठनों और पाकिस्तान के मंत्रियों तक ने इस पूरे मामले की तीखी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की थी. अब इसी घटना का उल्लेख करते हुए इस्लामिक सहयोग संगठन(आईओसी) ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ उत्पीड़न और हिंसा की निंदा की है. #OIC General Secretariat condemned the "systematic persecution and violence" ramping up against the Muslim community in #Assam, #India, claiming lives of Muslims, during protests against an eviction drive of hundreds of Muslim families from the state. pic.twitter.com/0EZWqmKj5u

अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चितकालीन रोक लगाकर सख्ती बढ़ा दी है. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में पाकिस्तान-बांग्लादेश के साथ कुवैत, थाईलैंड और ब्राजील जैसे देश भी शामिल हैं. इस फैसले ने मानदंडों को लेकर विशेषज्ञों और प्रवासियों के बीच नई बहस छेड़ दी है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.

अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक दमन के आरोप में ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और तेल से जुड़े शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इन नेटवर्कों के जरिए अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी. कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की अधिकतम दबाव नीति का हिस्सा है.

अमेरिका ने कैरिबियन सागर में वेनेजुएला-संबंधित तेल टैंकर Veronica को जब्त कर लिया है, जो पिछले कुछ हफ्तों में छठा लक्ष्य बना है. यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रम्प और विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो के बैठक से पहले हुई. अमेरिकी सेना का कहना है कि टैंकर प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था और अब सिर्फ कानूनी रूप से तेल ही निकलेगा.

क्या अगले 24 घंटे में अमेरिका ईरान पर हमला करेगा. इस वीडियो में जानिए क्यों अमेरिका ने ईरान के आसपास अपने सैन्य युद्ध के घेरा को मजबूत करना शुरू कर दिया है. मध्य-पूर्व में एक बड़े सैन्य टकराव की संभावना बन रही है. इस दौरान अमेरिका के युद्ध के पांच बड़े संकेत देखने को मिल रहे हैं. इनमें प्रमुख हैं टैंकर विमानों की उड़ानें, ईरान का बंद एयरस्पेस और मिलिट्री अलर्ट, USS अब्राहम लिंकन बेड़े की युद्घ स्थल की ओर बढ़ती हलचल, अल उदीद एयरबेस पर सैनिकों की तैनाती में बदलाव, और ट्रंप द्वारा ईरान पर तेज हमला करने की इच्छा.







