
अल्लाह-हू-अकबर का नारा क्यों लगाया था?, जिपलाइन ऑपरेटर के भाई ने बताई पूरी कहानी
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पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के वक्त का एक वीडियो सामने आने के बाद ज़िपलाइन ऑपरेटर मुजम्मिल से एनआईए की ओर से पूछताछ हो रही है. पहले 23 अप्रैल को पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था, लेकिन वीडियो वायरल होने पर उसे दोबारा बुलाया गया. मुजम्मिल के भाई से आजतक ने बातचीत की है.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को एक सप्ताह हो चुका है. आतंकी अभी भी सुरक्षाबलों की पकड़ से बाहर हैं. इस बीच केंद्रीय जांच एजेंसी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मंगलवार को एक बार फिर से जिपलाइन ऑपरेटर मुज़म्मिल से पूछताछ कर रही है. आजतक ने मुज़म्मिल के भाई मुख्तार से बातचीत की.
जिपलाइन ऑपरेटर मुजम्मिल के भाई ने क्या कहा?
आजतक ने मुजम्मिल के भाई मुख्तार से बातचीत की. मुख्तार ने बताया, 'मेरा भाई 3-4 साल से बैसरन घाटी में काम करता है, जब हमला हुआ वह भागकर घर आया तो वह घबराया हुआ था. उन्हें हार्ट की समस्या है, वह डर की वजह से कुछ भी नहीं बोल सके'.
अल्लाह-हू-अकबर का नारा क्यों लगाया था?
अरविंद ने मुख्तार से पूछा कि क्या आपने मुजम्मिल से नारा लगाने पर कोई सवाल किया? जिसके जवाब में मुख्तार ने कहा, 'वो जब हमले के बाद घर पर आया तो चाय पी. तभी ही सुरक्षा अधिकारियों का उसे फोन आया और वह पुलिस थाने चला गया. हम थाना खाना लेकर गए, लेकिन हमारी उससे बात नहीं हो सकी. फिर हम वापस लौट आए. अब भाई से एनआईए पूछताछ कर रही है'.
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