
अयोध्या : 2023 तक गर्भगृह में रामलला को स्थापित करने की तैयारी, चंपत राय का बड़ा बयान
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अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि मन्दिर स्थल पर फर्श निर्माण से पहले चबूतरा (प्लिंथ) के निर्माण का काम अब लगभग पूरा हो रहा है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने भी एक हफ्ते पहले निर्माण कार्य से जुड़ी दो तस्वीरें शेयर की थी.
रामनवमी पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सचिव चंपत राय ने मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है. चंपत राय ने कहा है कि 2023 दिसंबर तक काम पूरा हो जाएगा. हालांकि संभावना कम है. इसके बावजूद कोशिश यह है कि गर्भगृह का स्थान बन जाए, जहां पर भगवान को स्थापित कर दिया जाएगा.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सचिव चंपत राय वेदांता भारत द्वारा लखनऊ गन्ना संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे. चंपत राय के मुताबिक, 2024 में लोकसभा चुनाव है और आचार संहिता लागू हो जाएगी, इसलिए पत्थरों के काम होने की वजह से जल्दबाजी नहीं हो सकती.
एक हफ्ते पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जारी की थी तस्वीर
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से एक हफ्ते पहले भी मंदिर निर्माण स्थल की तस्वीरें जारी की गई थी. बताया गया था कि निर्माण स्थल पर पत्थरों के ब्लॉक से फर्श का निर्माण शुरू हो गया है. इससे पहले गर्भ गृह पर जहां रामलला विराजमान थे, वहां भी चबूतरे के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है. शेष मंदिर निर्माण स्थल के बड़े भाग पर फर्श के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है.
इस तरह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दिसंबर 2023 में दर्शनार्थियों के लिए राम मंदिर खोलने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है. इसके लिए अयोध्या ही नहीं बल्कि बंसी पहाड़पुर में भी स्थापित कार्यशाला से तराशे गए पत्थर राम जन्मभूमि स्थल पर पहुंचाए जा रहे हैं.
श्री राम जन्मभूमि परिसर के 70 एकड़ में होगा यह सब

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