
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की रेस से बाहर होंगे जो बाइडेन? Exit प्लान पर मंथन में जुटा परिवार
AajTak
एनबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि चर्चा इस बात को सुनिश्चित करने के इर्द-गिर्द घूम रही है कि अगर ऐसा होता है, तो यह न केवल बाइडेन की पांच दशकों से अधिक की सार्वजनिक सेवा का सम्मान करेगा, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हराने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को रणनीतिक रूप से तैयार करेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से बाइडेन के संभावति बाहर निकलने की अटकलों के बीच एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है. एनबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक जो बाइडेन का परिवार अब इस बात पर विचार कर रहा है कि अगर वह राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर होने का फैसला करते हैं तो इसका कैसा और क्या असर हो सकता है. इतना ही नहीं, बाइडेन का परिवार ऐसी एग्जिट पर विचार कर रहा है, जिससे उनकी पार्टी का दूसरा उम्मीदवार चुनाव जीत जाए और डोनाल्ड ट्रंप की हार हो सके.
चर्चाओं से परिचित लोगों ने एनबीसी न्यूज को बताया कि बाइडेन के बार-बार आश्वासन के बावजूद कि वह संभावित उम्मीदवार बने रहेंगे, उनका परिवार इस बात पर विचार कर रहा है कि कैसे चुनाव की रेस से उनके बाहर निकलने की रणनीति को सावधानीपूर्वक समयबद्ध और क्रियान्वित किया जा सकता है.
एनबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि चर्चा इस बात को सुनिश्चित करने के इर्द-गिर्द घूम रही है कि अगर ऐसा होता है, तो यह न केवल बाइडेन की पांच दशकों से अधिक की सार्वजनिक सेवा का सम्मान करेगा, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हराने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को रणनीतिक रूप से तैयार करेगा.
पार्टी सदस्यों के बदलते रवैये के बाद विचार में लगा परिवार
अंदरूनी सूत्रों ने खुलासा किया कि इन चर्चाओं में बाइडेन के स्वास्थ्य, उनके परिवार और देश की स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभाव को मुख्य कारक माना जा रहा है. इन चर्चाओं की गंभीरता पार्टी के नेताओं, दानदाताओं और यहां तक कि बाइडेन की खुद की पुनर्निर्वाचन टीम के सदस्यों के बीच बढ़ती बेचैनी से पता चलती है. खासकर तीन हफ्ते पहले राष्ट्रपति पद की डिबेट के दौरान जब बाइडेन का प्रदर्शन देखा गया.
बाइडेन का परिवार भी इस बात से परेशान है कि जिन लोगों को वे अपना मित्र समझते थे, उन्होंने राष्ट्रपति के साथ कैसा व्यवहार किया. बाइडेन के एक सहयोगी ने एनबीसी न्यूज को बताया, "अगर वे यही चाहते थे तो ऐसा करने का इससे कहीं ज़्यादा सम्मानजनक तरीका हो सकता था. इस तरह से उस लोक सेवक के साथ व्यवहार नहीं किया जा सकता जिसने इस देश के लिए बहुत कुछ किया है."

अमेरिकी अधिकारियों के वॉशिंगटन आर्मी बेस के ऊपर कुछ अनजान ड्रोन देखे जाने बाद वहां हड़कंप मच गया है. इसी बेस पर विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं. अभी तक ये पता नहीं लग पाया है कि ये ड्रोन कहां से आए थे. इसके बाद सुरक्षा और बढ़ा दी गई है. इस पर व्हाइट हाउस में एक बैठक भी हुई है, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई है कि इन हालातों से कैसे निपटा जाए.

ईरान की पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में गैस फील्ड पर हमले की धमकी दी थी. जिसके बाद अब बहरीन के नेचुरल गैस रिफाइनरी पर ईरान ने हमला कर दिया है. बहरीन और सऊदी के बॉर्डर के पास बनी गैस फैसिलिटी पर ईरान ने मिसाइल दागी है. यह हमला इतना खतरनाक था का इसका असर बहरीन और सऊदी को जोड़ने वाले किंग फहाद पुल पर भी पड़ा है. पुल भी डैमेज हो गया है.











