
अमेरिकी पुलिस के हाथों अश्वेत युवक की हत्या: परिवार को मिला 200 करोड़
AajTak
अमेरिका के मिन्नेपॉलिस राज्य ने जॉर्ज फ्लॉयड के परिवार वालों के साथ सिविल मुकदमे को लेकर समझौता कर लिया है.
अमेरिका में जिस अश्वेत शख्स की मौत के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हुए थे, अब उसके परिवार को 196.2 करोड़ रुपये मिलेंगे. असल में नकली बैंक नोट देने के आरोप में पुलिस जॉर्ज फ्लॉयड नाम के युवक को गिरफ्तार करने गई थी, लेकिन इस दौरान पुलिस ने युवक को जमीन पर लिटाकर अत्यधिक बल प्रयोग किया. घटना के दौरान जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो गई. घटना का वीडियो सामने आने के बाद अमेरिका सहित पूरी दुनिया में 'ब्लैक लाइव्स मैटर' (अश्वेतों की जिंदगी मायने रखती है) कैंपेन शुरू हो गया था. बाद में पुलिस वालों पर हत्या का आरोप लगा था और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. (सभी फोटोज- Reuters) जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो लेकर उनके परिवार वालों ने मिन्नेपॉलिस राज्य पर सिविल मुकदमा दायर किया था. दूसरी ओर, पुलिस वालों पर हत्या के आरोप में अलग मुकदमा चल रहा है जिसका ट्रायल कुछ ही दिन में शुरू होने जा रहा है. ट्रायल शुरू होने से पहले ही, मिन्नेपॉलिस राज्य ने जॉर्ज फ्लॉयड के परिवार वालों के साथ सिविल मुकदमे को लेकर समझौता कर लिया है. मिन्नेपॉलिस राज्य परिवार वालों को 196.2 करोड़ देने पर राजी हो गया है.
ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.









