
अमेरिका में हनुमान प्रतिमा पर विवाद खड़ा करने वालों को बराक ओबामा से ये सीख जरूर लेनी चाहिए
AajTak
अमेरिका के टेक्सास में स्थापित 90 फीट ऊंची हनुमानजी की मूर्ति को लेकर विवाद छिड़ गया है. मूर्ति को स्टेच्यू ऑफ यूनियन कहा गया था क्योंकि हनुमानजी ने राम और सीता को मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी हनुमान जी में आस्था रखते थे.
अमेरिका के टेक्सास में हनुमानजी की एक मूर्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. बीते साल (23 अगस्त 2024) को अमेरिका के टेक्सास में बजरंगबली की 90 फीट ऊंची यह भव्य मूर्ति स्थापित की गई थी. उद्घाटन के साथ ही इस प्रतिमा को स्टेच्यू ऑफ यूनियन का नाम दिया गया था. कांसे की बनी प्रतिमा को यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि हनुमान जी ने श्रीराम और सीता माता को मिलाने में अहम भूमिका निभाई थी.
अमेरिका में हनुमान जी को बताया जा रहा डेमन गॉड अब इसके विरोध में स्थानीय चर्च आ गए हैं और इसे डेमन गॉड तक कह दिया. मूर्ति मंदिर परिसर में होते हुए भी काफी ऊंची है और दूर से दिखती है. इस बात पर कट्टरपंथी और विरोध करने लगे. ट्रंप की ही पार्टी के नेता ने. अलेक्जेंडर डंकन, जो कि रिपब्लिकन के नेता हैं, उन्होंने कहा कि, हम क्यों एक झूठी मूर्ति को यहां रहने दे रहे हैं? हम एक क्रिश्चियन देश हैं.
यह वही अमेरिका है जो दुनियाभर में 'लोकतांत्रिक होने और पंथ निरपेक्षता' दंभ भरता है. बल्कि अमेरिका को एक बार झांककर अपने पूर्व राष्ट्रपति की ओर भी देखना चाहिए. अमेरिकी राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा ने खुले तौर पर स्वीकार किया था कि वह हनुमानजी की एक छोटी प्रतिमा अपने पास रखते हैं और यह उन्हें सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है, जब भी कभी वह थका हुआ महसूस करते हैं, हनुमानजी की प्रतिमा उन्हें नए उत्साह से लबरेज करती है. यह प्रतिमा उनके लिए भाग्यशाली है.
...जब ओबामा ने दिखाई थी हनुमानजी में आस्था यह बात साल 2016 की है, जब बराक ओबामा राष्ट्रपति थे. इस दौरान यूट्यूब के साथ व्हाइट हाउस ने उनका एक इंटरव्यू रखा था. इस बातचीत के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति युवाओं से संवाद स्थापित कर रहे थे. इस दौरान जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति से कहा गया कि वह अपनी व्यक्तिगत महत्व की कुछ चीजों के बारे में बताएं. तब उन्होंने अपनी जेब से कई छोटी चीजें निकालीं. इन चीजों में शामिल थीं, पोप फ्रांसिस से मिली मनकों की माला, एक भिक्षु से मिली बुद्ध की छोटी प्रतिमा, कुछ छोटे स्मृति चिह्न और हिंदू देवता हनुमानजी की एक प्रतिमा. उन्होंने हनुमानजी की प्रतिमा के लिए कहा- 'यह उनमें से एक है, जो मुझमें विश्वास भर देता है.'
ओबामा ने कहा था- 'मैं हमेशा इन्हें अपने पास रखता हूं. हालांकि इन चीजों को देखकर मुझे अंधविश्वासी नहीं समझना चाहिए. जरूरी नहीं कि मैं इन्हें पास में रखूं ही रखूं, लेकिन ये मेरी बहुत व्यक्तिगत चीजें हैं. खास बात है कि ये चीजें मुझे 'अपने सफर में अब तक मिले अलग-अलग लोगों की' याद दिलाती हैं.'
बता दें कि जब टेक्सास में यह स्टेच्यू स्थापित हुआ था और इसका उद्घाटन किया गया था तब पूरे अमेरिका में इसे एक सकारात्मक पहल के तौर पर देखा गया था. यह मूर्ति अमेरिका में स्थापित धार्मिक मूर्तियों में से एक सबसे ऊंची मूर्तियों में शामिल थी, इससे ऊंची केवल स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और पेगासस की ड्रैगन की मूर्तियां हैं, जो अमेरिकी इतिहास और संस्कृति के प्रतीक मानी जाती हैं. लेकिन, आज इस मूर्ति को लेकर ऐसा क्या हुआ कि इसे अमेरिकी 'डेमन गॉड' बता रहे हैं. असल में टेक्सास में यह प्रतिमा जहां है वहां पहले से कई चर्च हैं. 90 फीट ऊंची यह प्रतिमा दूर से ही नजर आती है, इसलिए चर्च के संरक्षकों को इससे 'आइडेंटिटी क्राइसिस' जैसे खतरे नजर आते होंगे. बता दें कि स्थानीय चर्च पहले से ही स्टेच्यू के विरोध में थे.

अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हाल में एक संघीय अधिकारी की गोली से नर्स एलेक्स जेफ्री प्रेटी की मौत हो गई थी. जिसके बाद से अमेरिका में पुलिस और फेडरल एजेंसियों की कार्रवाई, विरोध-प्रदर्शनों में जाने वालों और आम नागरिकों की जान की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच वॉशिंगटन में प्रेटी की याद में लोगों ने कैंडल मार्च निकाला. देखें अमेरिका से जुड़ी 10 बड़ी खबरें.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.








