
अमेरिका-ब्रिटेन से फ्रांस-नॉर्वे तक... एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद दुनिया में ताबड़तोड़ इस्तीफे
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अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के बाद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत कई देशों में विवाद खड़ा हो गया है. ईमेल, मुलाकातों और वित्तीय संबंधों के खुलासों के बाद कई प्रमुख पदों पर बैठे लोगों को इस्तीफा देना पड़ा है. हालांकि किसी देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को पद छोड़ना नहीं पड़ा. आइए आसान भाषा में पूरा मामला समझते हैं.
अमेरिका के कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज लगातार सामने आ रहे हैं. इन खुलासों के बाद कई देशों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इन दस्तावेजों में ईमेल, सोशल संपर्क, पैसों के लेन-देन और निजी मुलाकातों से जुड़ी जानकारी सामने आई है. इसी वजह से कई बड़े पदों पर बैठे लोगों पर सवाल उठे हैं और कुछ को दबाव में आकर इस्तीफा देना पड़ा है. हाल ही में ब्रिटेन और नॉर्वे में इस्तीफे हुए हैं.
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को इस्तीफा देना पड़ा. उन पर दबाव इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाने की सलाह दी थी. मैकस्वीनी ने माना कि यह सलाह गलत थी और इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया.
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नॉर्वे में भी असर दिखा. विदेश मंत्रालय ने बताया कि वरिष्ठ राजनयिक मोना जूल एपस्टीन से जुड़े संबंधों के मामले में "फैसले में गंभीर गलती" के कारण पद छोड़ेंगी. 66 वर्षीय जूल पहले मंत्री रह चुकी हैं और इजरायल, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र में नॉर्वे की राजदूत भी रह चुकी हैं. इस मामले को यूरोप में बढ़ते बड़े विवाद का हिस्सा माना जा रहा है.
अमेरिका में भी एपस्टीन फाइल्स का असर
अमेरिका में भी असर देखने को मिला. फरवरी 2026 में ब्रैड कार्प ने एक बड़ी लॉ फर्म के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उनके एपस्टीन से ईमेल संपर्क सामने आए थे. इससे पहले नवंबर 2025 में लैरी समर्स ने भी एक अहम बोर्ड पद छोड़ा और माना कि एपस्टीन से संपर्क रखना उनकी गलती थी.

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