
अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में ईरान ने की सेंधमारी? डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी वेबसाइट हुई हैक
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डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन ने दावा किया कि उनकी एक वेबसाइट को ईरान ने हैक कर लिया था. ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दावा किया कि हैकरों ने सिर्फ सार्वजनिक जानकारी ही हासिल किए. रिपब्लिकन पार्टी ने कहा कि यह 2024 के चुनाव में हस्तक्षेप और राजनीतिक अराजकता फैलाने की कोशिश थी.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन की वेबसाइट हैक हो गई. ट्रंप कैंपेन की तरफ से बिना किसी सबूत के दावा किया गया है कि इसके पीछे ईरान का हाथ था, जिसकी मंशा '2024 के चुनाव में हस्तक्षेप और राजनीतिक अराजकता फैलाने की थी.' रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से यह बयान तब आया है जब एक स्थानीय मीडिया संस्थान ने इसका खुलासा किया. मीडिया संस्थान का कहना था कि जुलाई महीने में संस्थान को अज्ञात सोर्सेज से ट्रंप के खिलाफ खुफिया दस्तावेज ऑफर किए गए थे.
डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन ने डॉक्यूमेंट्स को लेकर दावा किया, "ये दस्तावेज अमेरिका के खिलाफ विदेशी सोर्सेज से अवैध रूप से हासिल किए गए थे, जिनका उद्देश्य 2024 के चुनाव में हस्तक्षेप करना और हमारी राजनीतिक प्रक्रिया में अराजकता फैलाना था."
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एक अमेरिकी मीडिया संस्थान पॉलिटिको ने दावा किया था कि जुलाई महीने में संस्थान को अज्ञात सोर्सेज से ट्रंप के इंटरनल ऑपरेशन को लेकर कुछ दस्तावेज ऑफर किए गए थे. संस्थान का दावा था कि उपराष्ट्रपति उम्मीदवार जेडी वेन्स के खिलाफ भी डॉक्यूमेंट्स की पेशकश की गई थी.
ईरान पर डोनाल्ड ट्रंप ने भी लगाए आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि माइक्रोसॉफ्ट ने उनके कैंपेन को सूचित किया है कि उनकी एक वेबसाइट को ईरान ने हैक कर लिया. ईरान पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ सार्वजनिक सूचना ही हासिल किए थे. हालांकि, उन्होंने हैक के बारे में ज्यादा कोई जानकारी नहीं दी.

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