
अमेरिका के दवाब का असर? रूस के कच्चे तेल के उत्पादन में भारी गिरावट, क्या नहीं मिल रहे खरीददार
ABP News
रूस के तेल उत्पादन में गिरावट देखने को मिली है. इसकी वजह है, रूस को अमेरिका के प्रेशर के चलते तेल बेचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. जनवरी में भी रूस के तेल उत्पादन में कमी देखी गई है.
रूस को दुनिया में तेल बेचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. यह हम नहीं कह रहे, बल्कि हालिया रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है. जनवरी में रूस के कच्चे तेल के उत्पादन में कमी दर्ज की गई है. यह लगातार दूसरा महीना है, जब रूस के तेल प्रोडक्शन में गिरावट आई है. इस तरह के डेटा की जानकारी रखने वाले लोगों ने अपनी पहचान उजागर किए बगैर बताया कि पिछले महीने देश ने औसतन 9.28 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन किया था.
ब्लूमबर्ग वेबसाइट (bloomberg.com) में छपी खबर के मुताबिक, इन आंकड़ों में गाढ़े तेल का उत्पादन शामिल नहीं है. दिसंबर में पहले से कम किए गए स्तर से 46,000 बैरल प्रति दिन कम है. पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन और सहयोगियों के साथ हुए एक समझौते के अनुसार जितने तेल के उत्पादन की अनुमति रूस को है, उससे लगभग 300,000 लाख बैरल प्रति दिन कम है.
रूस ने अपने तेल प्रोडक्शन के डेटा को कैटेगिरी में बांटा हुआ है. इनमें तेल उत्पादन, निर्यात और रिफाइनरी का संचालन शामिल है. इस वजह से इसका वैल्यूएशन मुश्किल हो गया है. हालांकि, ऊर्जा मंत्रालय ने इन डेटा से जुड़ी जानकारी को लेकर किसी तरह का जवाब नहीं दिया है.
क्या सच में रूस को खरीददार ढूंढने में लग रहा समय ? रूस के तेल प्रोडक्शन में गिरावट इसलिए देखने को मिली है, क्योंकि टैंकरों में रखे रूसी कच्चे तेल की मात्रा में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है. यह बताता है कि रूस पर अमेरिकी प्रेशर की वजह से खरीददार ढूंढने में काफी समय लग रहा है.





