
अमृतपाल सिंह और इंजीनियर राशिद ने ली सांसद पद की शपथ, पुलिस हिरासत में पहुंचे थे संसद
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दोनों को भारी सुरक्षा के बीच संसद लाया गया. औपचारिकताएं पूरी करने के बाद निर्वाचित सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में शपथ ली. 31 वर्षीय अमृतपाल सिंह और 56 वर्षीय राशिद ने हाल ही में जेल में रहते हुए क्रमश: पंजाब के खडूर साहिब और जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला से निर्दलीय के रूप में लोकसभा चुनाव जीता है.
जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और कश्मीरी नेता शेख अब्दुल राशिद ने शुक्रवार को सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती के बीच सांसद के रूप में शपथ ली. दोनों को कोर्ट ने लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए पैरोल दी थी. दरअसल, इंजीनियर राशिद के नाम से मशहूर राशिद गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है, जबकि अमृतपाल सिंह एनएसए के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है.
पीटीआई के मुताबिक एक सूत्र ने बताया कि दोनों को भारी सुरक्षा के बीच संसद लाया गया. औपचारिकताएं पूरी करने के बाद निर्वाचित सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में शपथ ली. 31 वर्षीय अमृतपाल सिंह और 56 वर्षीय राशिद ने हाल ही में जेल में रहते हुए क्रमश: पंजाब के खडूर साहिब और जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला से निर्दलीय के रूप में लोकसभा चुनाव जीता है. वे अन्य विजयी उम्मीदवारों के साथ 24 और 25 जून को 18वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ नहीं ले सके थे.
शपथ लेने के लिए राशिद को तिहाड़ से संसद तक की यात्रा के समय को छोड़कर दो घंटे की हिरासत पैरोल दी गई थी और अमृतपाल सिंह को असम से दिल्ली और वापस की यात्रा के मद्देनजर 5 जुलाई से शुरू होने वाली चार दिन की हिरासत पैरोल दी गई थी. उनके पैरोल आदेशों में कहा गया है कि उनकी अस्थायी रिहाई की अवधि के दौरान वे किसी भी मुद्दे पर मीडिया से बात या संबोधित नहीं कर सकते हैं या कोई बयान नहीं दे सकते हैं. उनके परिवार के सदस्य भी किसी भी तरह के मीडिया में बयान नहीं दे सकते हैं. 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल को दिल्ली में अपने परिवार से मिलने की अनुमति दी गई है जबकि राशिद के परिवार को केवल उनके शपथ ग्रहण में शामिल होने की अनुमति थी.

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