
'अब गाजा दो देश हैं...,' हमास के साथ जंग के बीच इजरायली सेना ने दिया बड़ा बयान
AajTak
फिलिस्तीन समर्थित हमास के खिलाफ इजरायल युद्ध के मैदान में है. इजरायल गाजा पट्टी में लगातार एयरस्ट्राइक कर रहा है. वहां जमीनी हमले भी बढ़ा दिए हैं. इजरायल ने कहा, अब हमारा फोकस उत्तरी गाजा में है. वहां आतंकवादियों का मूवमेंट है. जबकि दक्षिणी गाजा में हम मानवीयता सहायता पहुंचाने और मदद करने की पहल का समर्थन कर रहे हैं.
इजरायल और हमास के बीच 29 दिन से युद्ध चल रहा है. दोनों देशों की तरफ से गोलीबारी, बमबाजी और रॉकेट-मिसाइलें छोड़ी जा रही हैं. इस बीच, इजरायली सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा- अब दो गाजा हैं. यानी अब गाजा दो देश हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरी गाजा में एक एंबुलेंस को निशाना बनाया है. वहां हमास के आतंकवादी एंबुलेंस के जरिए हथियारों की सप्लाई कर रहे थे.
आईडीएफ प्रवक्ता हगारी ने कहा, हम ग्राउंड पर और ग्राउंड के नीचे (सुरंग) हमास के फील्ड कमांडरों की तलाश कर रहे हैं और उन्हें खत्म कर रहे हैं. युद्ध की शुरुआत के बाद से हमने हमास के रेजिमेंट कमांडरों और ब्रिगेड कमांडरों के रैंक के बराबर 10 आतंकवादियों को मार डाला है.वे वही लोग हैं, जिन्होंने 7 अक्टूबर को भयानक नरसंहार की योजना बनाई थी. उन्होंने कहा, हमारे जवान युद्ध में आगे बढ़ रहे हैं. वे ग्राउंड पर ऊपर और अंडरग्राउंड आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर रहे हैं और आतंकवादियों को खत्म कर रहे हैं.
'दक्षिणी गाजा में मानवीय मदद की अनुमति'
हगारी ने आगे कहा, हम गाजा में युद्ध पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. हम हमास को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. अब दो गाजा हैं. दक्षिणी गाजा इलाके में मानवीय सहायता की अनुमति दे रहे हैं. हम उन सभी को ला रहे हैं और उन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. साथ ही हम वहां हमला कर रहे हैं. जो भी आतंकवादी वहां पहुंचेगा, उसे खत्म किया जाएगा. यह हमारे ऑपरेशनों के अंतर्गत एक अधिक सुरक्षित क्षेत्र है. हगारी का कहना था कि हमारा ध्यान उत्तरी गाजा पर है. वहां बहुत जटिल और कठिन लड़ाई है. आईडीएफ बलों ने विस्फोटकों के भंडार का पता लगाया है.
उत्तरी गाजा में एम्बुलेंस पर हवाई हमला
इजरायल रक्षा बलों का कहना है कि उसने उत्तरी गाजा पट्टी में एक एंबुलेंस पर हवाई हमला किया है. ये एंबुलेंस युद्ध क्षेत्र के करीब हमास सेल द्वारा इस्तेमाल की जा रही थी. आईडीएफ का कहना है, हमास के कई आतंकवादी हमले में मारे गए हैं. आईडीएफ का कहना है, हमारे पास ऐसी जानकारी है कि हमास अपने आतंकवादी गुर्गों और हथियारों को एम्बुलेंस के जरिए सप्लाई करता था. हम इस बात पर जोर देते हैं कि यह क्षेत्र एक युद्ध क्षेत्र है. क्षेत्र के नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए बार-बार दक्षिण की ओर खाली करने के लिए कहा जाता है.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.








