
अफगानिस्तानः पांच शेरों की इस घाटी से क्यों दूरी बनाकर रखता है तालिबान? पढ़ें इनसाइड स्टोरी
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अब आने वाले कई सालों तक महज़ 70 हज़ार तालिबानी लड़ाकों के आगे तमाम हथियारों से लैस साढ़े तीन लाख अफग़ान फ़ौजियों के घुटने टेकने के किस्से सुने और सुनाए जाते रहेंगे. लेकिन इसी के साथ अपने जज़्बे और जांबाजी के लिए अफग़ानिस्तान के जिस इलाक़े की मिसाल दी जाएगी, वो है पंजशीर यानी पांच शेरों की घाटी.
तालिबान ने जिस तरह से रातो-रात अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया, उससे पूरी दुनिया हैरान है. हैरान इसलिए नहीं है कि तालिबान ने कब्जा कर लिया, बल्कि इसलिए है कि तालिबान ने जिस तेज़ी से कब्जा किया, वो किसी ने नहीं सोचा था. तालिबान के लड़ाके रातो-रात राष्ट्रपति भवन में घुसे और उधर, राष्ट्रपति अशरफ गनी अपना माल-मत्ता समेट कर मुल्क से निकल लिए. अफगान सेना ने तालिबान के सामने घुटने टेक दिए. लेकिन अफगानिस्तान का एक प्रांत ऐसा भी है, जो तालिबान के लिए अभी भी चुनौती बना हुआ है. तालिबान ने उस प्रांत से दूरी बना रखी है.More Related News

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