
'अगर अवॉर्ड लेने विदेश गईं तो...', ट्रंप के दुश्मन देश से नोबेल विजेता को मिली वॉर्निंग
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वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो 10 दिसंबर को नोबेल पुरस्कार लेने नॉर्वे जाना चाहती थी. लेकिन वेनेजुएला की मादुरो सरकार उन्हें ऐसा करने से रोक रही है. मचाडो मादुरो सरकार के खिलाफ लड़ रही हैं और देश में छिपकर रहती हैं.
इस साल शांति का नोबेल पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने जीता है. नोबेल पुरस्कार हर साल की तरह इस साल भी 10 दिसंबर को ओस्लो के सिटी हॉल में आयोजित इवेंट में दिए जाएंगे. मारिया दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने को लेकर खुश हैं और उन्होंने कहा था कि वो पुरस्कार लेने नॉर्वे जाएंगी. लेकिन वेनेजुएला के अटॉर्नी जनरल ने चेतावनी दी है कि कई आपराधिक मामले झेल रही मचाडो अगर देश से बाहर जाती हैं तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा.
मचाडो वेनेजुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं. सरकार ने उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए हैं, जिनमें आतंकवाद से जुड़े आरोप भी शामिल हैं.
58 साल की मचाडो ने बताया है कि वो वेनेजुएला में छिपकर रह रही हैं. पिछले हफ्ते उन्होंने घोषणा की थी वो 10 दिसंबर को होने वाले समारोह के लिए नॉर्वे की राजधानी ओस्लो जाना चाहती हैं.
समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, वेनेजुएला के अटॉर्नी जनरल, तारेक विलियम साब ने चेतावनी दी कि मचाडो कई आपराधिक मामलों का सामना कर रही हैं और अगर वो पुरस्कार लेने विदेश जाती हैं, तो उन्हें 'फरार' माना जाएगा
साब ने कहा, 'उन पर कई आपराधिक मामले हैं. ऐसे में अगर वो वेनेजुएला से बाहर जाती हैं तो उन्हें फरार माना जाएगा.' उन्होंने कहा कि उन पर 'साजिश, नफरत फैलाने और आतंकवाद' जैसे आरोप हैं.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मचाडो कैरेबियाई सागर के आसपास अमेरिकी सैन्य बलों की तैनाती को समर्थन दे रही हैं और इसे लेकर भी वो जांच के दायरे में हैं.

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