
अगर अमेरिका ने भारत पर लगाया टैरिफ तो फिर क्या? निर्मला सीतारमण ने दिया ये जवाब
AajTak
Budget Round Table: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 12 लाख रुपये तक इनकम टैक्स छूट से टैक्सपेयर्स के करीब 1 लाख करोड़ रुपये बचेंगे. जो कि बड़ी राशि है, और वो इस पैसे को सिस्टम में खर्च करेंगे, तो इकोनॉमी को भी बल मिलेगा.
बजट-2025 में हुए ऐलान को लेकर मंथन चल रहा है. बिजनेस टुडे के 'बजट राउंट टैबल' प्रोग्राम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहुंचीं. उन्होंने बजट में हुए एक-एक ऐलान की खूबियां गिनाईं. उन्होंने कहा कि इस बजट में ग्रोथ के साथ-साथ आम आदमी का पूरा ख्याल रखा गया है.
उन्होंने बताया कि 12 लाख रुपये तक टैक्स छूट एक बड़ा कदम है. निर्मला ने कहा कि कैपिटेल एक्सपेंडेचर पर सरकार का फोकस बना हुआ है. लेकिन देश में लगातार इलेक्शन की वजह से इसमें थोड़ा ब्रेक लग जाता है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 12 लाख रुपये तक इनकम टैक्स छूट से टैक्सपेयर्स के करीब 1 लाख करोड़ रुपये बचेंगे. जो कि बड़ी राशि है और वो इस पैसे को सिस्टम में खर्च करेंगे, तो ग्रोथ को भी बल मिलेगा. वित्त मंत्री ने कहा कि रेलवे, रोडवेज, हाईवे, होम पर सरकार का फोकस बना हुआ है.
टैरिफ के सवाल पर वित्त मंत्री का जवाब
ग्लोबल स्टॉक मार्केट में अमेरिकी टैरिफ का असर दिख रहा है. इस सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी नजर बनी हुई है, अगर अमेरिका भारत पर टैरिफ को लेकर कोई कदम उठाता है, तो फिर देखेंगे हम क्या कर सकते हैं, हमारी पूरी तैयारी है.
वित्त मंत्री ने कहा कि कस्टम ड्यूटी को लेकर यही कहना चाहेंगे कि हमने इसपर बहुत काम किया है. जिस प्रोड्क्टस के इंपोर्ट से घरेलू उद्योग को नुकसान होगा, उसपर इंपोर्ट ड्यूटी नहीं घटा सकते, क्योंकि देश का नुकसान नहीं होना चाहिए. लेकिन जो चीजें हमारे यहां नहीं है, यानी जिन चीजों पर देश पूरी तरह से इंपोर्ट पर निर्भर है, ऐसी चीजों पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने पर विचार कर सकते हैं. 2027 तक विकसित भारत की राह में कई चुनौतियां हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम अपना कदम पीछे खींच लें. खासकर कई ग्लोबल चुनौतियां हैं, इसके बावजूद लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ रहे हैं.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












