
US President Election जीतने के लिए भारत की तरह सिर्फ वोट जुटाना काफी नहीं
AajTak
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए केवल अधिक वोट पाना ही काफी नहीं है. इसके लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक राज्य में चुनाव जीतना. कुछ स्टेट में बहुत अच्छे वोट पाकर भी आप बहुमत से वंचित हो सकते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में सबसे अधिक वोट पाने वाला व्यक्ति भी चुनाव में हार सकता है. इसे अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव प्रणाली का सबसे अजीबोगरीब पक्ष समझा जा सकता है. दरअसल इलेक्टोरल कॉलेज का चुनाव अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रणाली को एक जटिल प्रक्रिया बना देती है. इसे आसान भाषा में कुछ यूं समझिए कि आम जनता राष्ट्रपति चुनाव में ऐसे लोगों को वोट देती है जो इलेक्टोरल कॉलेज बनाते हैं और उनका काम देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को चुनना है. नवंबर के पहले सप्ताह में मंगलवार को वोटिंग उन मतदाताओं के लिए होती है जो राष्ट्रपति को चुनते हैं. ये लोग इलेक्टर्स कहलाते हैं. ये इलेक्टर्स निर्वाचित होने के बाद 17 दिसंबर को अपने-अपने राज्य में एक जगह इकट्ठा होते हैं और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए वोट करते हैं.
अमेरिकी जनता आज वोट करके सीधे तौर पर स्वयं अपने राष्ट्रपति का चुनाव नहीं कर रही है. ठीक ऐसा ही नियम उपराष्ट्रपति पद के लिए भी है. हां वोटर्स इस इलेक्टोरल कॉलेज के अलावा कांग्रेस में रिप्रेजेंटेटिव एसेंबली के प्रतिनिधियों को भी चुन रहे हैं. रिप्रजेंटेटिव असेंबली के 435 सीटों के लिए काउंटिंग हो रही है इसके साथ ही सीनेट के 33 सीटों के लिए चुनाव हुआ है. फिलहाल रिपब्लिकन मौजूदा सदन को नियंत्रित कर रहे हैं. हालांकि सीनेट में डेमोक्रेट बहुमत में हैं. कई मामलों में सीनेट का सरकार पर ज्यादा प्रभाव होता है. हालांकि दोनों सदन मिलकर कानून पारित करते हैं.
1-ज्यादा वोट मतलब बहुमत की गारंटी नहीं
इलेक्टोरल कॉलेज में 538 इलेक्टर्स शामिल हैं. जो सभी 50 राज्यों और कोलंबिया जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं. प्रत्येक राज्य में तीन से 54 के बीच इलेक्टर्स शामिल हैं. किसी भी राज्य के निर्वाचकों की संख्या उसके अमेरिकी सीनेटरों और अमेरिकी प्रतिनिधियों की कुल संख्या को जोड़कर निर्धारित की जाती है. अमेरिका में करीब 51 स्टेट हैं . हर स्टेट से 2 सीनेटर्स के हिसाब से कुल 102 सीनेटर्स चुने जाते हैं. अमेरिका एक राज्यों का संघ है इसलिए राज्यों के अधिकार बराबर विभाजित रहें, कोई बड़ा राज्य छोटे राज्यों को दबा न सके इसलिए सभी राज्यों का बराबर प्रतिनिधि भेजने का राइट संविधान में दिया गया है. जिसे इस तरह समझ सकते हैं कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट जैसे बड़े राज्य और अरुणांचल प्रदेश और सिक्किम जैसे छोटे राज्यों सभी को राज्यसभा में 2 ही प्रतिनिधि भेजने का अधिकार मिले. पर भारत में ऐसा नहीं है. भारत में अधिक जनसंख्या वाले राज्यों को राज्यसभा में अधिक प्रतिनिधि भेजने का राइट मिला हुआ है . पर भारत में राज्यसभा का महत्व कम है, जबकि अमेरिका में सीनेट को बहुत ताकत मिली हुई है. अमेरिका में कुल 538 सीटों पर चुनाव का विजेता वह उम्मीदवार होता है जो 270 या उससे अधिक सीटें जीतता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वही राष्ट्रपति बन जाए. यह संभव है कि कोई उम्मीदवार राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक वोट जीत ले लेकिन फिर भी वह इलेक्टोरल कॉलेज की ओर से जीत नहीं पाए. ऐसा मामला 2016 में सामने आया था, जब हिलेरी क्लिंटन इलेक्टोरल कॉलेज की ओर से नहीं जीत पाई थीं.
2-भारत में होता तो इस प्रकार होता
अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव एक अप्रत्यक्ष प्रक्रिया है, जिसमें सभी राज्यों के नागरिक इलेक्टोरल कॉलेज के कुछ सदस्यों के लिए वोट करते हैं. इन सदस्यों को इलेक्टर्स कहा जाता है. ये इलेक्टर्स इसके बाद प्रत्यक्ष वोट डालते हैं जिन्हें इलेक्टोरल वोट कहा जाता है. इनके वोट अमेरिका के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए होते हैं. ऐसे उम्मीदवार जिन्हें इलेक्टोरल वोट्स में बहुमत मिलता है राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने जाते हैं. इलेक्टर्स सीनेटर्स और प्रतिनिधिसभा के सदस्यों की संख्या को मिलाकर तैयार किया जाता है.जैसे भारत में अभी एनडीए को कुल 28 में से 18 राज्यों में बहुमत है. अमेरिकी प्रणाली के अनुसार इन राज्यों के सारे प्रतिनिधियों के वोट राष्ट्रपति कैंडिडेट को मिल जाते . इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर उत्तर प्रदेश में कुल वोटर्स की संख्या 14 करोड़ 71 लाख वोटर्स में 9 करोड़ वोट राहुल गांधी को मिलते और 9 करोड़ एक वोट नरेंद्र मोदी को मिलते तो मोदी को उत्तर प्रदेश के सारे प्रतिनिधियों के वोट उन्हें मिल जाते.

रमजान के महीने में देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं. खासकर मध्यप्रदेश के जबलपुर, हैदराबाद और कर्नाटक के बागलकोट में हालात तनावपूर्ण रहे. जबलपुर के सिहोरा इलाके में मंदिर और मस्जिद के बीच आरती और नमाज के समय विवाद हुआ जिसने तोड़फोड़ और पथराव को जन्म दिया. पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कार्रवाई कर रही है.

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के श्रीनगर में स्थित लोकप्रिय धारी देवी मंदिर के पास बहने वाली अलकनंदा नदी में बड़ा हादसा टल गया. नदी में दो बोटों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई जिसके कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. टक्कर के बाद एक चालक नदी में गिर गया जबकि दूसरी बोट अनियंत्रित होकर बीच धारा में घूमती रही. सौभाग्यवश चालक तैरकर सुरक्षित बाहर आ गया और बोट संचालकों की सूझबूझ से सभी सवार सुरक्षित बचा लिए गए.

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने इस इंटरव्यू ब्रिक्स करेंसी पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि हमने यह नहीं कहा कि हम ब्रिक्स करेंसी बनाएंगे. ब्रिक्स के अंदर नई करेंसी बनाने पर कोई बहस नहीं है. लेकिन यह जरूरी नहीं है कि ब्राजील और इंडिया के बीच ट्रेड डील US डॉलर में ही हो. हम इसे अपनी करेंसी में भी कर सकते हैं.

दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओँ ने शर्ट उतारकर सार्वजनिक रूप से विवादास्पद प्रदर्शन किया. इस घटना के बाद पुलिस ने 5 से 6 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. बीजेपी ने इस प्रदर्शन पर तीखा हमला किया है और संबित पात्रा ने कहा कि इस प्रदर्शन को जानबूझकर किया गया था. AI समिट में इस तरह के प्रदर्शन ने वहां की शांति भंग कर दी.

आज का दंगल घरेलू सियासत में देश के वैश्विक अपमान पर है. क्योंकि दिल्ली में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट में आज ऐसी घटना हुई है जिसे लेकर बीजेपी हमलावर है. दिल्ली में चल रहे जिस एआई समिट में शामिल होने के लिए दुनिया भर से नेता-उद्योगपति-टेक्नोकरेट्स भारत आए हुए हैं. उसी मेले में जाकर युवा कांगरसे के 10 कार्यकर्तां ने यूएस डील के विरोध में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. ये कार्यकर्ता अपनी टीशर्ट उतारकर उसे बैनर की तरह लहराकर प्रदर्शन कर रहे थे.

दिल्ली के मुखर्जी नगर में 1 साल 9 माह के बच्चे हादी की मौत का मामला सामने आया है. एसएफएस फ्लैट्स के पार्क में मौसी आजरा पर गला दबाने की आशंका है. स्थानीय लोगों ने बच्चे को छुड़ाकर न्यूलाइफ अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया. पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लिया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल भेजा गया है.

तिरुवनंतपुरम में आधी रात को 14 साल के लड़के की जॉयराइड, माता-पिता को घर में बंद कर खाई में गिराई कार
तिरुवनंतपुरम में एक नाबालिग लड़के ने अपने माता-पिता को घर में बंद कर आधी रात को कार निकाली और दोस्त के साथ घूमने निकल गया. तभी करमना में कार रेलिंग तोड़कर कई फीट नीचे जा गिरी, लेकिन दोनों नाबालिग चमत्कारिक रूप से बच गए. पढ़ें इस हादसे की हैरान करने वाली कहानी.

एआई समिट में प्रदर्शन के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पहले काले छाते पर प्रिंटेड स्टिकर लगाकर मंडपम में प्रवेश की योजना बनाई थी, लेकिन सुरक्षा जांच में पकड़े जाने की आशंका के चलते उन्होंने प्लान बदलकर टी-शर्ट पर स्टिकर लगवाए.

दिल्ली से मेरठ के बीच यात्रा को तेज और आसान बनाने की दिशा में 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत रैपिड रेल ने सराय काले खां से मेरठ के बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन पूरा कर लिया है. करीब 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच सफर को 55-60 मिनट में पूरा करेगी, जिससे दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को पराजित करने के बाद रेखा गुप्ता की अगुवाई में बीजेपी की सरकार एक साल पूरी कर चुकी है. इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने दावा किया कि उन्होंने अपने वादों को पूरा करने की कोशिश की है. साथ ही अपने एक वर्ष की उपलब्धियां भी बताईं. देखें वीडियो.



