
US China Tensions: चीन और अमेरिका में होगी जंग? देखें दोनों की सैन्य शक्तियों में कितना दम
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US China Tensions: अमेरिकी सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी ताइवान के दौरे पर हैं. पेलोसी के दौरे पर चीन ने आपत्ति जताई है. चीन ने अमेरिका को धमकाया भी है. चीन का कहना है कि अगर अमेरिका गलत रास्ते पर खड़ा है, तो फिर मजबूत जवाब दिया जाएगा. इस बीच ताइवान में भी जंग की स्थिति से निपटने की तैयारियां शुरू हो गईं हैं. ताइवान की सेना ने ऐसा दावा किया है. उनका कहना है कि चीन के 21 मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स ने उनकी घेराबंदी की है. ये मिलिट्री प्लेन्स आइलैंड के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में पहुंच गए हैं. नैंसी पेलोसी के ताइवान जाने पर आगबबूला हुए चीन ने 50 मिनट के भीतर ही ताइवान के आसपास सैन्य ड्रिल और 'मिलिट्री एक्शन' की धमकी दी थी. चीन ने कहा है कि वो ताइवान के कुछ हिस्सों में टारगेटेड मिलिट्री एक्शन ले सकता है. क्या चीन और अमेरिका में जंग हो सकती है? जानिए.

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो जाता है तो जापान होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछी समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइंस) को हटाने के लिए अपने अत्याधुनिक 'माइनस्वीपर' जहाज तैनात करेगा.

ईरान जंग से तेल $112 प्रति बैरल तक पहुंच रहा है. एयरलाइंस उड़ानें काट रही हैं. ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है. जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश में फ्यूल राशनिंग शुरू हो गई है. IEA का 10-पॉइंट प्लान आ गया है. दुनियाभर की सरकारें इसे एनर्जी सिक्योरिटी कहेंगी, लेकिन असर लॉकडाउन जैसा दिखना शुरू हो चुका है. इस बार चेतावनी भी नहीं मिलेगी.

जापान ने कहा है कि अगर इजरयाल-अमेरिका का ईरान के साथ जो युद्ध जल रहा है, उसपर अगर पूरी तरह से विराम लगता है तो वह होर्मुज के रास्ते से माइंस हटाने का सोचेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले ही जापान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी. इस मुलाक़ात के बाद जापान की ओर से यह बयान जारी किया गया है.

ईरान ने दक्षिण इजरायल के अराद और डिमोना में भीषण मिसाइल हमले किए है. इजरायली विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में बच्चों समेत 100 से ज्यादा लोग घायल है. ईरान ने इन हमलों के लिए बैलिस्टिक मिसािलों का इस्तेमाल किया और डिमोनो शहर जहां इजरायल का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र के पास ये हमला हुआ, जो कि बड़ा चिंता का विषय है.









