
UP Nagar Nikay chunav 2022: फिरोजाबाद नगर निगम चुनाव से पहले लगा Vote for Nota ka बैनर
AajTak
UP Nagar Nikay chunav 2022: यूपी के फिरोजाबाद में नगर निगम के चुनाव से पहले लोगों ने वोट फॉर नोटा का बैनर लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की. दरअसल, फिरोजाबाद के वार्ड 34 के लोग इस बात को लेकर नाराज हैं, क्योंकि उनके वार्ड के करीब 1700 वोट काटकर दूसरे वार्ड में शामिल कर दिए गए.
उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव से पहले फिरोजाबाद में करीब 1,757 वोट काट दिए गए हैं. इससे शहर के वार्ड नंबर 34 के लोग नाराज हैं. इसी नाराजगी में लोगों ने वोट फॉर नोटा का बैनर लगा धरना दिया और नारेबाजी की. लोगों ने कहा कि हमारे वार्ड के वोट काटकर वार्ड संख्या 5 में शामिल क्यों कर दिए गए.
बता दें कि फिरोजाबाद में नगर निगम का चुनाव होने वाला है, लेकिन वोट फॉर नोटा की बात अभी से होने लगी है. नगर निगम में आने वाले वार्ड नंबर 34 के क्षेत्रीय लोगों ने इसको लेकर नाराजगी जताते हुए धरना प्रदर्शन किया. दरअसल, वार्ड 34 के 1,757 वोट काटकर वार्ड नंबर 5 में शामिल कर दिए गए. इसी के विरोध में वार्ड 34 के लोगों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की.
हाथों में बैनर लेकर किया धरना-प्रदर्शन
लोगों ने हाथ में वोट फॉर नोटा के बैनर लेकर धरना दिया और नारेबाजी भी की. उनका कहना है कि आखिरकार इस वार्ड के इतने सारे वोट काटकर वार्ड नंबर 5 में किस वजह से शामिल कर दिए गए. लोगों ने नगर आयुक्त से मांग करते हुए कहा है कि वोटों को काटने के मामले की जांच की जाए और वार्ड के वोट दूसरे वार्ड में शामिल नहीं किए जाएं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









