
UP Elections: वो कौन-कौन सी सीटें हैं जिस पर चुनाव लड़ेगी निषाद पार्टी? देखें इस पर क्या बोले संजय निषाद
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2017 में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के चुनाव में छोटे दलों को साथ लेकर सरकार बनाई, इसी से प्रेरित होकर अखिलेश यादव ने भी इस बार ओम प्रकाश राजभर से लेकर कृष्णा पटेल और जयंत चौधरी को अपने पाले में खींच लिया और वो बीजेपी को हराने और हटाने की बात कर रहे हैं. वहीं रविवार को बीजेपी के मोर्चे में शामिल सभी दलों के साथ बैठक हुई, जिसमें 9 दलों ने हिस्सा लिया. बताया जाता है कि इस बैठक में अपना दल और निषाद पार्टी को ही तवज्जो दी गई. 27 अक्टूबर को गठबंधन कर बीजेपी ने आश्वासन दिया था पर अभी तक टिकट पर विचार नहीं हुआ. निषाद पार्टी ने ये दावा किया था की बीजेपी के साथ ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बन गई है. इस पर संजय निषाद ने आजतक के साथ खास बातचीत में बताया कि वो कौन-कौन सी सीटें हैं जिन पर निषाद पार्टी चुनाव लड़ने वाली है. देखें ये वीडियो.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










