
UP Election: न उम्मीदवारों की सूची-न सीट शेयरिंग की सूचना, सपा के 'साइलेंट एक्शन' के पीछे क्या रणनीति?
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Samajwadi party candidate list: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा अपने कैंडिडेटों के नामों का सार्वजनिक ऐलान करने के बजाय खामोशी से उन्हें सिंबल के लिए फॉर्म ए और बी दे रही है ताकि वो नामांकन कर सकें. ये एक सोची समझी रणनीति के तहत किया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया चल रही है. बीजेपी ने 107 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट सार्वजनिक रूप से जारी कर दी है और सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे का भी सोमवार को ऐलान कर देगी. बसपा ने भी पहले चरण की सीटों के लिए कैंडिडेट के नामों का ऐलान कर दिया है तो कांग्रेस 125 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर चुकी है. वहीं, सपा ने सार्वजनिक रूप से कोई सूची अभी तक जारी नहीं की है, बल्कि प्रत्याशियों को सिंबल के लिए जरूर फॉर्म ए और बी दे रही है.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










