
UP: 22 दिन, 24 रैलियां... समझिए विपक्ष को PM मोदी ने कैसे किया 'आउट'
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी चुनाव में ताबड़तोड़ रैलियां कर भाजपा के पक्ष में वोट मांगे. नतीजा ये हुआ कि यूपी में 7 चरणों में से 5 चरणों के चुनाव में ही भाजपा को बहुमत मिल गया. बाकी के दो चरणों में मिली सीटें बोनस के तौर पर रहीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से लेकर अब तक देश के नक्शे में अपने दम पर ही बीजेपी का परचम लहराया है. साल 2014 में केंद्र में मोदी सरकार बनी. उस समय सिर्फ 7 राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की सरकारें थीं जबकि 14 राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी. इसके बाद 2015 से 2017 के बीच यूपी उत्तराखंड, गुजरात, हिमाचल समेत कई राज्यों में बीजेपी ने अकेले या सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई. मार्च 2018 वो वक्त था जब सबसे ज्यादा 21 राज्यों में BJP या NDA की सरकार बनी थी.
2018 के आखिरी में बीजेपी को कई झटके लगे और 2019 में 17 राज्यों में BJP गठबंधन की सरकार रह गई. कर्नाटक में कांग्रेस ने बीजेपी को हराकर गठबंधन सरकार बनाई. आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में भी BJP गठबंधन की सरकार गिर गई. हालांकि, बाद में फिर से बीजेपी ने कर्नाटक, मध्यप्रदेश, मेघालय, मिजोरम जैसे राज्यों में सरकार बना ली. 2022 विधानसभा चुनावों से पहले देश के 18 राज्यों में एनडीए की सरकार
2022 विधानसभा चुनाव से पहले देश के 18 राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की सरकार थी. खास बात तो ये भी थी कि नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों में बीजेपी गठबंधन की सरकार थी और अब पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद भी बीजेपी के इस सियासी नक्शे में कोई बदलाव नहीं आया है, क्योंकि बीजेपी ने अपने सभी चार गढ़ दोबारा जीत लिये हैं.
देश के 44 फीसदी क्षेत्रफल और 49 फीसदी आबादी पर पार्टी का शासन
बीजेपी अभी भारत के 44 फीसदी क्षेत्रफल और 49 फीसदी आबादी पर अपनी पार्टी के तहत शासन कर रही है. ये क्या इसीलिए संभव हो पाता है क्योंकि नरेंद्र मोदी बीजेपी के सबसे बड़े स्टार प्रचारक हैं.
2022 में यूपी चुनाव की पहली रैली

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










