
Trump Tariff: रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर लगेगा 500% टैरिफ? ट्रंप के मंत्री का बयान... समझें मायने
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Donald Trump एक बार फिर से टैरिफ अटैक के मूड में हैं और लगातार नई टैरिफ धमकियां दे रहे हैं. इसके अलावा रूसी तेल खरीदारों को लेकर भी सख्ती जारी है और उनके द्वारा मंजूर सीनेटर लिंडसे ग्राहम के प्रस्ताव में ऐसे देशों पर 500% टैरिफ (500% US Tariff) लगाने का प्रावधान है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की टैरिफ नीतियों से दुनिया हिली हुई है. बीते साल 2025 में जोरदार टैरिफ अटैक करने के बाद ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ बम (Trump Tariff Bomb) फोड़ना शुरू कर दिया है और हर दिन नई टैरिफ धमकियां देते हुए नजर आ रहे हैं. इस बीच उन्होंने रूसी तेल की खरीद को लेकर एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जो उन्हें 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है. ऐसे में क्या भारत पर भी ये हाई टैरिफ (US 500% Tariff On India) लगाया जा सकता है? इसे लेकर अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बयान देते हुए बड़े संकेत दिए हैं. आइए समझते हैं उनके बयान के क्या मायने निकल रहे हैं?
'US आगे बढ़ रहा, लेकिन यूरोपीय देश...' दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF Davos 2026) में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों के बारे में खुलकर बात की और खासतौर पर यूरोपीय देशों को लेकर कहा कि वे खुद के खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित करने का काम कर रहे हैं. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए हालात बहुत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
बेसेंट ने सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा सीनेट के समक्ष रखे गए उस प्रस्ताव के बारे में बात की, जिसमें रूसी तेल खरीदना जारी रखने वालों को 500% टैरिफ लगाकर दंडित (500% Tariff For Buying Russian Oil) करने का प्रावधान है. उन्होंने इसे लेकर कहा है कि हम देखेंगे कि यह पारित होता है या नहीं.
क्या है ट्रंप का 'सैंक्शनिंग रशिया एक्ट'? सबसे पहले बता दें कि ट्रंप ने 'सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025' को मंजूरी दी है, जो रूसी तेल का आयात करने वाले देशों पर 500% का भारी-भरकम टैरिफ लगाने की अनुमति देता है. इस बिल के तहत भारत और चीन जैसे देशों से आयातित सामानों पर हाई टैरिफ लगाए जा सकते हैं. ट्रंप प्रशासन ने ये कदम खासतौर पर यूक्रेन युद्ध के शांति समझौते पर बातचीत से इनकार करने वाली पुतिन सरकार पर सख्ती के लिए उठाया है.
इस 'सैंक्शनिंग रशिया एक्ट' को अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने Donald Trump के साथ मिलकर तैयार किया है. इसे खासतौर पर चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों पर सीधा निशाना बताया गया है, क्योंकि ये रूसी तेल के बड़े आयातकों में टॉप पर हैं.
बेसेंट के बयान में भारत के लिए क्या सिग्नल? US Finance Minister स्कॉट बेसेंट ने अपने इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों के चार साल बाद भी यूरोप रूस से तेल की खरीद कर रहा है, ऐसा करके वे अपने ही खिलाफ युद्ध को वित्तीय मदद पहुंचा रहे हैं.













