
Sri Lanka Crisis Live: श्रीलंका में बिगड़े हालात, राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शनकारी, सड़कों पर सेना तैनात
AajTak
श्रीलंका में राष्ट्रपति भवन पर कब्जा करने वाले प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते हैं, तब तक राष्ट्रपति भवन पर कब्जा जारी रहेगा. पड़ोसी देश में जारी इस बड़ी उठापटक से जुड़ा हर अपडेट जानने के लिए पढ़ते रहिए aajtak.in
आर्थिक बदहाली झेल रहे श्रीलंका में हालात बदतर हो गए हैं. सड़क से लेकर राष्ट्रपति भवन तक हर तरफ प्रदर्शनकारी नजर आ रहे हैं. लोग पेट्रोल, बिजली और भोजन जैसी आधारभूत सुविधाओं के लिए मशक्कत कर रहे हैं. लोगों के सब्र का बांध अब टूट चुका है, जिसका खामियाजा वहां के नेताओं को उठाना पड़ रहा है.
श्रीलंका के राष्ट्रपति भवन पर 9 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने कर लिया था, जिसे अब वो छोड़ने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि जब तक गोटबाया राजपक्षे राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक राष्ट्रपति भवन उनके कब्जे में रहेगा. वहीं, देश में जगह-जगह सेना भी तैनात है. इस मुद्दे पर इस तरह के तमाम बड़े अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए आजतक डॉट इन के साथ.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.









