
Sarita Vihar Flyover: सरिता विहार फ्लाईओवर 50 दिनों तक रहेगा बंद, जाम से बचने के लिए देखें ट्रैफिक एडवाइजरी
AajTak
सरिता विहार फ्लाईओवर मरम्मत कार्य की वजह से 50 दिनों तक बंद रहेगा. मरम्मत का काम 4 चरणों में किया जाना है. पहले और दूसरे चरण में आश्रम से बदरपुर तक फ्लाईओवर के हिस्से की मरम्मत की जाएगी. जबकि तीसरे और चौथे चरण में बदरपुर से आश्रम तक फ्लाईओवर के हिस्से की मरम्मत की जाएगी. मथुरा रोड पर सरिता विहार फ्लाईओवर की ओर भारी और कॉमर्शियल गाड़ियों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जा सकता है.
सरिता विहार फ्लाईओवर को मरम्मत कार्य के चलते आज (बुधवार) से 50 दिनों के लिए बंद किया जा रहा है. इसे लेकर पुलिस ने एक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है. सरित विहार फ्लाईओवर दक्षिण-पूर्व दिल्ली को हरियाणा के फरीदाबाद से कनेक्ट करता है. लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से फ्लाईओवर की मरम्मत की जाएगी. मरम्मत का काम 4 चरणों में किया जाना है. पहले और दूसरे चरण में आश्रम से बदरपुर तक फ्लाईओवर के हिस्से की मरम्मत की जाएगी. जबकि तीसरे और चौथे चरण में बदरपुर से आश्रम तक फ्लाईओवर के हिस्से की मरम्मत की जाएगी.
ट्रैफिक पुलिस ने फ्लाईओवर बंद होने की सूचना देते हुए कहा कि 7 जून 2023 से मथुरा रोड पर सरिता विहार फ्लाईओवर पर PWD की ओर से रिपेयरिंग का काम किया जाएगा. लिहाजा 50 दिनों की अवधि के लिए कैरिजवे बंद रहेंगे. कृपया किसी भी असुविधा से बचने के लिए सलाह का पालन करें. ट्रैफिक एडवाइजरी के मुताबिक पीडब्ल्यूडी सात जून से फ्लाईओवर की मरम्मत का काम शुरू करने जा रहा है.
जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रूट चुनें
फ्लाईओवर बंद होने से सड़क पर यातायात की मात्रा बढ़ सकती है और आम जनता को असुविधा हो सकती है. रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, अस्पतालों आदि की ओर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है है कि वे अपने घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी को फॉलो करें और अपना रूट सुनिश्चित करें. इसके साथ ही एडवाइडरी में कहा गया है कि देरी से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग चुनें.
भारी वाहन हो सकते हैं प्रतिबंधित
मथुरा रोड पर सरिता विहार फ्लाईओवर की ओर भारी और कॉमर्शियल गाड़ियों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जा सकता है, ताकि यातायात का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










