
Republic Day: 'विराट' ने 13 साल तक की देश सेवा, रिटायरमेंट पर मिला PM मोदी का दुलार, Video
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विराट पिछले 13 वर्षों से गणतंत्र दिवस की परेड और अन्य राष्ट्रीय समारोहों में शामिल रहा है. आज की परेड के बाद 21 साल का घोड़ा विराट पीजीपी के घुड़सवार दस्ते से रिटायर हो गया. आम तौर पर घोड़े 17 से 18 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं. विराट ने पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रणब मुखर्जी और अब तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपनी सेवा दी है.
गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर कार्यक्रम खत्म होने के बाद पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एक घोड़े के पास दिखे. दोनों नेता घोड़े को पुचकारते और पीठ थपथपाते दिखे. दरअसल, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अंगरक्षक घोड़े पर सवार होकर उन्हें लेने आये. उन्हीं में से एक घोड़े को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने थपथपाया. ये वही विराट घोड़ा था जिसे अपनी योग्यता और सेवाओं के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ COMMENDATION Card से नवाजा गया है. विराट नाम के इस घोड़े को प्रेजिडेंट्स बॉडीगार्ड का चार्जर भी कहा जाता है.

पश्चिमी एशिया में युद्ध के बीच भारत की चिंताएं तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ी हुई हैं. प्रधानमंत्री ने ताजा हालात की जानकारी सदन में बोलते हुए देश को दी. अब आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्तव्य भवन-2 में अहम बैठक की है. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे, जिन्होंने होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चर्चा की. देखें वीडियो.

पश्चिम एशिया के हालात सुधरते नहीं दिख रहे..ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर 5 दिनों तक हमला ना करने की हामी जरूर भरी है लेकिन अब भी हमले थमे नहीं है. पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने भी अपनी तैयारी मुकम्मल कर रखी है. राजनाथ सिंह ने एक हाईलेवल मीटिंग बुलाकर तैयारी की समीक्षा की. तो भारतीय एलपीजी टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय युद्धपोत हॉर्मुज पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी ने कल लोकसभा में साफ कह दिया था कि तेल सप्लाई में रुकावट या नागरिकों और पावर प्लांट पर हमला मंजूर नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान जंग पर राज्यसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है. इसने पूरे विश्व को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं. उनके जीवन की रक्षा भी भारत के लिए चिंता का विषय है. होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हैं. उनके क्रू मेंबर्स भी अधिकतर भारतीय हैं. यह भी भारत के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में जरूरी है कि भारत के इस उच्च सदन से दुनिया में संवाद का संदेश जाए. हम गल्फ के देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमने डीएस्केलेशन और होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी लगातार बात की है. भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है.










