
Pollution पर कंट्रोल का फॉर्मूला... दिल्ली-NCR में वर्क फ्रॉम होम, कंस्ट्रक्शन पर रोक, फैक्ट्रियों पर ताला...
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दिल्ली सरकार ने 3 राज्यों के साथ मीटिंग में NCR में वर्क फ्रॉम लागू करने का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी को रोकने और इंडस्ट्री को बंद करने की मांग भी की है.
राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर में प्रदूषण से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर से दिल्ली-एनसीआर को लॉकडाउन की ओर धकेल दिया है. राजधानी दिल्ली में तो कई प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं, लेकिन अब एनसीआर में भी कई पाबंदियां लगाई जा सकती हैं. दिल्ली सरकार ने मंगलवार को यूपी, पंजाब और हरियाणा के साथ मीटिंग में NCR में वर्क फ्रॉम लागू करने का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी को रोकने और इंडस्ट्री को बंद करने की मांग भी की है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

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