
Petrol-Diesel Free World: Petrol-Diesel मुक्त होने की ओर दुनिया के ये 11 शहर... जानिए कैसी होगी आने वाले कल की तस्वीर?
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धरती पर जीवन की शुरुआत से अब तक लगातार इंसान के रहन-सहन और जीवनयापन के तरीकों में बदलाव आता रहा है. आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन जल्द ही एक ऐसा नजारा होगा जब दुनिया में पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों का दौर पीछे छूट चुका होगा. दुनिया के कई शहर उन फ्यूचर सिटीज की ओर कदम बढ़ा चुके हैं.
क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आज जिस पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से न केवल भारत बल्कि पाकिस्तान-नेपाल-श्रीलंका और यूरोपीय देशों समेत दुनिया के तमाम जगहों के लोग परेशान हैं एक दिन ऐसा आएगा जब दुनिया में न तो पेट्रोल-डीजल होगा और न ही कोई देश या शहर इसका इस्तेमाल कर रहा होगा? हां ये सच है कि जिस तरीके से दुनिया तेजी से बदल रही है, ईंधन के प्रकार और उनकी उपलब्धता के हालात भी बदल रहे हैं. आज दुनियाभर में करोड़ों-अरबों गाड़ियां पेट्रोल और डीजल पर चल रही हैं. कई तेल उत्पादक देशों की आय का साधन ही पेट्रोल-डीजल बेचकर आया धन है लेकिन ऐसा हमेशा के लिए रहने वाला नहीं है. दुनिया एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है.
ग्रीन एनर्जी पर एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में अभी 1.2 अरब गाड़ियां हैं जिनकी तादाद 2035 तक 2 अरब तक हो जाएंगी. अभी वर्तमान में इनमें से कुछ प्रतिशत गाड़ियां ही पेट्रोल-डीजल के अलावा किसी और तरह के ईंधन से चलती हैं. लेकिन अब कई देश साल 2030 तक और अधिकांश देश साल 2045 तक पेट्रोल-डीजल मुक्त शहरों की ओर बढ़ने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं. अगर सबकुछ प्लान के मुताबिक चलता रहा तो आने वाले वक्त में हमारे शहर-गांवों में गाड़ियां पेट्रोल-डीजल की बजाय इलेक्ट्रिक-गैस-हाइड्रोजन और सोलर जैसी ग्रीन एनर्जी वाली ईंधन से चलेंगी. भारत में भी साल 2030 तक पेट्रोल-डीजल को फेजआउट करने का सरकार ने लक्ष्य रखा है यानी उसके बाद पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों की बिक्री रोकने के प्लान पर सरकारें आगे बढ़ रही हैं.
दुनिया से कब तक खत्म हो जाएगा पेट्रोल-डीजल? साल 2016 तक दुनिया में कुल ऑयल रिजर्व 1.65 ट्रिलियन टन होने का अनुमान था. जो कि दुनिया की हर साल की जरूरतों का 46 गुना था. इसका मतलब पर्यावरणविद् ये लगा रहे थे कि दुनिया के पास और 47 साल का तेल बचा हुआ है यानी साल 2063 आते-आते दुनिया पेट्रोल-डीजल फ्री हो चुकी होगी या अगर थोड़ा-बहुत भंडार बचा भी होगा तो उसका इस्तेमाल करने वाली गाड़ियां हमारे पास नहीं होंगी. मतलब वो बीते वक्त की चीजें हो चुकी होंगी. यानी ईंधन की जरूरतों के लिए नए विकल्पों पर दुनिया निर्भर होगी.
आइए आपको बताते हैं कि दुनिया के उन 11 शहरों के बारे में जो पेट्रोल-डीजल मुक्त दुनिया की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.
1. मैकिनैक आइलैंड ऐसे ही रोल मॉडल नहीं
प्रदूषण मुक्त-ट्रैफिक मुक्त और ईंधनों की मारामारी से मुक्त जिस दुनिया का सपना आज दुनिया के सारे शहर देख रहे हैं अमेरिका के मिशीगन के मैकिनैक आइलैंड ने उस सपने को पूरा करने का मिशन साल 1898 में ही शुरू कर दिया था जब सभी मोटराइज्ड गाड़ियों पर बैन लगा दिया गया. ये आइलैंड ट्रांसपोर्ट के लिए साइकिलों और हेरिटेज संजोए घोड़ा गाड़ियों यानी बग्घियों का इस्तेमाल करता है. अपनी परंपरागत पहचान के लिए यह शहर दशकों से दुनिया भर के प्रकृति प्रेमी टूरिस्ट्स के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. आज जब अन्य शहर खुद को प्रदूषण मुक्त बनाने की जंग लड़ रहे हैं ऐसे में यहां के लोगों को अपने पर नाज होना स्वाभाविक है.

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